हिमाचल: 21 पुलिसकर्मियों सहित 31 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त, इस मामले में सुक्खू सरकार उठा रही बड़ा कदम
Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से चिट्टे के समूल नाश के लिए सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान’ के दूसरे चरण को व्यापक स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है.
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे. उन्होंने कहा कि दवा निर्माण और वितरण को लेकर फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा नियमों की सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित की जाएगी तथा दवाओं के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा. इसके अतिरिक्त अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस रद्द किये जाएंगे.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से चिट्टे के समूल नाश के लिए सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में नशे के विरूद्ध कार्रवाई और एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के क्रियान्वयन के आधार पर संख्यात्मक ग्रेडिंग शामिल करने का निर्णय लिया है.
उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि एंटी-चिट्टा अभियान को लेकर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं ताकि इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके. उन्होंने जब्त किए गए वाहनों और शराब के समय पर निपटान पर भी बल दिया ताकि इनका अनावश्यक भंडारण न हो.
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे के मामलों से संबंधित फॉरेंसिक रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर तैयार की जानी चाहिए ताकि जांच और मुकदमों में तेजी लाई जा सके. उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को नशा तस्करी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और स्थिति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को चिट्टा तस्करों द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर बनाई गई संपत्तियों को तोड़ने के भी निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आदतन अपराधियों की मैपिंग की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चि करते हुए 10 सरकारी कर्मचारियों और 21 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के अलावा एचआरटीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास विभाग के दो-दो कर्मचारी शामिल हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, बैंकिंग क्षेत्र, जल शक्ति विभाग और पशुपालन विभाग के एक-एक कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है.
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार के लिए ईमानदारी, अनुशासन और जनविश्वास सर्वोपरि हैं तथा नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है.
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