Shimla News: AI Summit को लकेर रणधीर शर्मा का हमला, कहा- ‘राष्ट्रविरोधी कृत्य के सूत्रधार हैं CM सुक्खू’
Shimla News In Hindi: बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने आज में AI Impact Summit 2026 को लेकर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा यह आयोजन हमारा नहीं, बल्कि भारत सरकार का था.

शिमला में बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी और विधायक रणधीर शर्मा ने आज (28 फरवरी) प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए AI Impact Summit 2026 प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि 20 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया अर्धनग्न प्रदर्शन राष्ट्रविरोधी कृत्य था, क्योंकि उस समय 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भारत की मेजबानी में उपस्थित थे. यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी का नहीं, बल्कि भारत सरकार का था, इसलिए उस प्रदर्शन से बीजेपी की नहीं बल्कि देश की छवि धूमिल हुई.
'इस राष्ट्रविरोधी गतिविधि के सूत्रधार मुख्यमंत्री सुक्खू है'- रणधीर शर्मा
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि इस राष्ट्रविरोधी गतिविधि के सूत्रधार खुद मुख्यमंत्री सुक्खू हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपराओं और नियमों की अनदेखी करते हुए आरडीजी (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे को राजनीतिक उद्देश्य से आगे बढ़ाया और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने की संवैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार किया.
वहीं 16 मार्च 2026 से प्रारंभ हुए बजट सत्र में परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाना चाहिए था, मगर सरकार ने आरडीजी के मुद्दे पर सरकारी संकल्प लाकर तीन दिन तक चर्चा करवाई और18 फरवरी को प्रस्ताव पारित होते ही सदन स्थगित कर दिया गया. शर्मा ने प्रश्न उठाया कि क्या मुख्यमंत्री और उनके मंत्री आरडीजी बहाली की मांग को लेकर प्रधानमंत्री या वित्तमंत्री से मिले? 'दिल्ली जाकर उन्होंने आरडीजी पर कोई पहल नहीं की, बल्कि कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की और 20 फरवरी के राष्ट्रविरोधी कृत्य की जिम्मेदारी ली'.
प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों को हिमाचल सदन में ठहराया गया
बीजेपी नेता ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों को हिमाचल सदन में ठहराया गया, जिसकी पुष्टि स्वयं मुख्यमंत्री ने की है. 'मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि कमरों की बुकिंग उनके कार्यालय से हुई. यह स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है.' दिल्ली पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने और आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई के बाद उन्हें हिमाचल लाया गया और चिड़गांव जैसे दूरस्थ क्षेत्र में सरकारी संरक्षण में ठहराया गया.
जब दिल्ली पुलिस विधिसम्मत दस्तावेजों और न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर आरोपियों को लेकर लौट रही थी, तब हिमाचल पुलिस द्वारा उन्हें रोका गया और पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के दबाव में की गई प्रतीत होती है.
रणधीर शर्मा ने कहा कि 'यह स्पष्ट है कि आरोपियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए. मुख्यमंत्री ने पहले ही संरक्षण की जिम्मेदारी ली थी, इसलिए पुलिस की कार्रवाई भी राजनीतिक निर्देशों पर हुई.' बीजेपी ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए और विशेष रूप से मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की जांच हो.
प्रदेश की जनता और सदन को गुमराह करना माफी के योग्य नहीं
रणधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश को शांतिप्रिय और देशभक्त प्रदेश बताया. उन्होंने कहा कि 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री संवैधानिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाते हुए एक कांग्रेसी नेता की तरह व्यवहार कर रहा है. प्रदेश की जनता और सदन को गुमराह कर राष्ट्रविरोधी गतिविधि को अंजाम देना माफी के योग्य नहीं है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा तीन साल के कार्यकाल की समीक्षा के बीच अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने यह राजनीतिक कदम उठाया.
'प्रदेश हितों की पैरवी करने के बजाय हाईकमान को खुश करने की राजनीति की गई.' बीजेपी ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं, ताकि यह सामने आ सके कि इस राष्ट्रविरोधी कृत्य के पीछे कौन-कौन जिम्मेदार थे और मुख्यमंत्री कार्यालय की वास्तविक भूमिका क्या रही.
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Source: IOCL


























