शिमला नगर निगम का बजट: महिलाओं के लिए फीडिंग रूम, सभी वार्ड में लगेंगे सोलर लाइट, पढ़ें डिटेल
Shimla Municipal Corporation Budget: शिमला शहर में जिन बांवड़ी का पानी नहीं पीने लायक उसका उपयोग टॉयलेट में किया जाएगा. शहर में साइकल स्टैंड बनाएं जाएंगे.

शिमला में कांग्रेस शासित नगर निगम का तीसरा बजट शुक्रवार (20 फरवरी) को पेश हुआ. मेयर सुरेंद्र चौहान ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 688 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट पेश किया. बीते साल यह 188 करोड़ रुपये था. नगर निगम द्वारा कोई नया कर शहरवासियों पर नहीं लगाया है. बजट में जहां शहर भर में पार्किंग पार्क बनाने की घोषणा की गई. वहीं पर शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराए जाएंगे.
महिलाओं के लिए फीडिंग रूम बनाए जाएंगे
बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए रिज और मॉल रोड पर फीडिंग रूम बनाए जाएंगे. मेयर ने शिमला शहर में 26 चिन्हित जगहों पर फूड वैन देने की भी घोषणा की, ताकि बेरोजगार महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार मिल सके. इसके अलावा शिमला के कोर एरिया में ई-कार्ट चलाए जाएंगे.
बजट की बड़ी बातें
- शिमला शहर में 6 साइकलिंग ट्रैक बनाये जाएंगे
- नगर निगम शिमला अपने कर्मचारियों के लिए पहली बार शुरू करेगा बीमा, नहीं लिया जाएगा एक भी रुपया
- शिमला शहर में जिन बांवड़ी का पानी नहीं पीने लायक उसका उपयोग टॉयलेट में किया जाएगा
- शहर में सुरक्षा की दृष्टि से लगेंगे सीसीटीवी कैमरा, 50 लाख होंगे खर्च
- नगर निगम कर्मचारियों के लिए बालूगंज में 34 करोड़ से 72 आवास
- आय बढ़ाने के लिए शहर में आवासीय फ्लैट बना कर बेचेगा नगर निगम
- तारादेवी के पास वर्ड क्लास वेलनेस सेंटर बनाने की घोषणा
- सचिवालय से चौड़ा मैदान तक भूमिगत डक्ट बनाए जा रहे जिसमें फायबर ओर पाइप बिछाने के लिए पैसे लेगा नगर निगम
- नगर निगम भरयाल में दो मेगा वाट सोलर प्रोजेक्ट का निर्माण करेगा
- सभी वार्ड में 1000 सोलर लाइट
- शहर में साइकल स्टैंड बनाएं जाएंगे
यह बजट ऐतिहासिक है- मेयर
शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक बजट है. आने वाले समय में नगर निगम अपने पैरों पर खड़ा होगा. उन्होंने कहा कि बजट में शहर में विकासात्मक कार्यो को प्राथमिकता दी गई है. शहर में पार्क पार्किंग वेलनेसन सेंटर के अलावा ई-कार्ट चलाने ओर साइकिल स्टैंड बनाएं जायेगे. भरयाल में सोलर प्लांट लगाया जाएगा.
इसके आगे उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद राजनीति कर रहे हैं. मामला कोर्ट में है और भाजपा के ही पार्षद कोर्ट गए हैं और अब वही कोर्ट की अवमानना कर रहे हैं. अभी तक कोर्ट का फैसला आया नहीं है. बजट में भाजपा पार्षदों द्वारा हगांमा किया और बाहर चले गए जबकि उन्हें अंदर रहना चाहिए था. इससे साफ दिखता है कि वे शिमला शहर के लोगों के प्रति कितने गभीर हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























