शिमला IGMC में इलाज होगा महंगा, जांच शुल्क और स्पेशल वार्ड के रेट बढ़ाने को मंजूरी
Shimla News: स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में हुई आरकेएस की बैठक में बढ़ती लागत और संसाधनों के बेहतर रखरखाव को देखते हुए शुल्कों में संशोधन का निर्णय लिया गया.

हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में अब मरीजों का इलाज महंगा होने जा रहा है. जी हां अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की 14वीं बैठक सोमवार को आयोजित की गयी. जिसमें जांच शुल्क के साथ ही स्पेशल वार्डों के दाम बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके साथ ही एमआरआई और पैट स्कैन की जांच के नए रेट को भी मंजूरी दे दी गई है. स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में हुई आरकेएस की बैठक में बढ़ती लागत और संसाधनों के बेहतर रखरखाव को देखते हुए शुल्कों में संशोधन का निर्णय लिया गया.
समिति ने फैसले के पीछे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने का दावा किया है. इसके साथ ही बैठक में कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई और कई मह्त्वप्पोर्ण फैसले लिए गए. लेकिन मरीजों और उनके तीमारदारों अपर अतिरिक्त बोझ विपक्ष के लिए मुद्दा बन सकता है.
अस्पताल की बेहतरी के लिए उठाया कदम
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अहम फैसले लिए गए हैं. टेस्टों के शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा. इसके अलावा RKS के कर्मचारियों को छठा वेतनमान लागू करने और 8 साल का अनुबंध पूरा करने वाले कर्मचारियों को नियमित वेतनमान देने की मंजूरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है.
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार हिम केयर और आयुष्मान योजना की देनदारियां को अदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है ताकि लोगों के ईलाज में बाधा न आए.
विपक्ष और जनता की प्रतिक्रिया बाकी
समिति द्वारा जांचों और वार्डों का शुल्क बढ़ाने पर अभी विपक्ष और आम नागरिकों की प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन माना जा रहा है कि इसका तीव्र विरोध देखने को मिल सकता है. आम नागरिकों पर सरकार द्वारा अतिरिक्त बोझ वर्तमान परिस्थितियों में किसी की समझ नहीं आ रहा.
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