शिमला के आईजीएमसी में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट के मामले में अन्य डॉक्टरों ने शनिवार (27 दिसंबर) को प्रदर्शन किया. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में विवाद के बाद डॉक्टर काम छोड़ हड़ताल पर चले गए हैं. डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे है. डॉक्टरों द्वारा प्रदर्शन कर डॉ राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग उठाई जा रही है.
डॉक्टर के समर्थन में पहले ही दिन से रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने मोर्चा खोल रखा है. विवाद के बाद से ही डॉक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई पर जमकर विरोध जताया जा रहा है. इस बीच एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मुलाकात की.
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने क्या कहा?
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और डेंटल डॉक्टर भी इसमें शामिल हैं और एक ही मांग सरकार से की जा रही है कि डॉ राघव का टर्मिनेशन को वापस लिया जाए.
उन्होंने कहा कि डॉक्टर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा को भी ध्यान रखना चाहिए. डॉ राघव को पहले सस्पेंड किया जाता है और उसके बाद एक दम तर्निमेट कर दिया जाता है जबकि जांच भी सही से नहीं की गई. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार डॉ राघव का टर्मिनेशन वापस नहीं होता हड़ताल जारी रहेगी.
मरीज की शिकायत पर हुई कार्रवाई
मरीज के साथ मारपीट का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. जिसमें साफतौर पर डॉक्टर द्वारा मरीज को पीटते हुए देखा जा रहा था. इस मामले में मरीज के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया. अस्पताल के अंदर ही जमकर नारेबाजी करते हुए डॉक्टर के निलंबन की मांग शुरू कर दी.
मामले पर संज्ञान लेते हुए सरकार द्वारा डॉक्टर को टर्मिनेट कर दिया गया. सरकार के इस फैसले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस फैसले के खिलाफ पहले ही दिन से एसोसिएशन लगातार प्रदर्शन कर डॉक्टरों की सुरक्षा और डॉ. राघव के टर्मिनेशन रद्द करने की मांग पर अड़ी हुई है.