शिमला IGMC मारपीट केस: सामूहिक छुट्टी पर गए रेजिडेंट डॉक्टर्स, परेशान हुए मरीज
IGMC Fight Case: IGMC अस्पताल में मारपीट के मामले में आरोपी डॉक्टर की बर्खास्ती के खिलाफ शुक्रवार (26 दिसंबर) को रेजिडेंट डॉक्टर छुट्टी पर चले गए. डॉक्टरों के छुट्टी पर जाने से मरीज परेशान नजर आए.

शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में मरीज से हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ ली है. इस बीच प्रदेश सरकार द्वारा आरोपी डॉक्टर राघव को टर्मिनेट कर दिया गया है. जिस पर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भड़क गई है. रेजिडेंट डॉक्टर सरकार से डॉ राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग कर रहे हैं. IGMC की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को सामूहिक अवकाश की कॉल दी. जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार (26 दिसंबर) की सुबह मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास ओकओवर पहुंचा. जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग उठाई. साथ ही उन्होंने घटना के दिन भीड़ द्वारा अस्पताल के अंदर की गई तोड़फोड़, डॉक्टर को डराने धमकाने वालों पर कार्रवाई करने और डॉक्टरों की सुरक्षा को बढ़ाने की भी मांग उठाई.
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने क्या कहा?
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना है और दोबारा से जांच का आश्वासन दिया है. आज सभी डॉक्टर एक दिन के अवकाश पर हैं और अब शाम को जनरल हाउस बुलाया जाएगा जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी.
दूसरी तरफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अवकाश पर चले जाने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. आईजीएमसी में शुक्रवार को 450 डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर हैं. इसके अलावा 50 फीसदी डॉक्टर 22 दिसम्बर से छुट्टी पर चल रहे हैं. मरीजों को OPD में डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं. मरीजों का कहना है कि डॉक्टर की लड़ाई की वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.
डॉक्टर और मरीज के बीच हुई जमकर मारपीट
बीते कुछ दिन पहले शिमला के IGMC अस्पताल में एक डॉक्टर और मरीज के बीच जमकर मारपीट हुई थी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. वीडियो में डॉक्टर लगातार मरीज को लात-घूंसों से पीटता हुआ दिखाई दे रहा है. इसके मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सरकार द्वारा डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया.
डॉक्टर के खिलाफ हुए एक्शन के बाद से ही उसके समर्थन में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया. डॉक्टर के निलंबन पर एसोसिएशन की ओर से डॉक्टर का सस्पेंशन रद्द करने की मांग की जा रही है.

























