शिमला में 8 सालों में 35 बड़ी प्राकृतिक आपदा, 90 से ज्यादा लोगों की गई जान
Himachal News: पिछले आठ वर्षों में हिमाचल के शिमला में 35 बड़ी प्राकृतिक आपदाएं आईं हैं. 2024 में आपदा में 36 लोगों की जान चली गई.

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के शिमला में बीते आठ साल में 35 बार बड़ी प्राकृतिक आपदा आई. इन आठ सालों में सबसे बड़ी आपदा साल 2023 में आई, जब एक ही जगह पर 36 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.
इन घटनाओं में कई मवेशियों की भी जान गई है. शिमला में बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक के दौरान जानकारी मिली कि साल 2017 में जिला शिमला के तीन मुख्य आपदाओं में सात व्यक्तियों की मौत हुई और 18 भेड़ों की जान गई.
साल 2024 की 9 आपदाओं में 36 लोगों की मौत
साल 2018 में चार प्राकृतिक आपदाओं में 47 मकान, पांच गौशालाओं को नुकसान हुआ. इस दौरान 161 भेड़ और 10 बकरियों की जान गई. साल 2019 में चार घटनाओं में छह लोगों की मृत्यु, छह मकानों को क्षति और 20 भेड़-बकरियों की जान गई. साल 2020 में दो आपदाओं में 77 भेड़-बकरी की जान गई. ठियोग के पंचायत घर और डाक घर को आग से नुकसान हुआ.
साल 2021 में तीन आपदाओं में 507 भेड़-बकरियों और दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई. साल 2022 में एक बड़ी घटना में रोहड़ू में 488 भेड़ और बकरियां मर गई थीं. साल 2023 की नौ मुख्य आपदाओं में 38 लोगों की मृत्यु हुई. इसमें करोड़ों रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ. इसी तरह साल 2024 की नौ बड़ी आपदाओं में 36 व्यक्तियों की बादल फटने से और चार व्यक्तियों की अन्य दुर्घटना में मृत्यु हो गई. इस दौरान 49 मकान 11 गौशालाएं पूर्ण रूप से नष्ट हो गई.
बैठक में आंकड़ों को अपडेट करने के निर्देश
जिला शिमला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला की बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए हैं कि जिला आपदा प्राधिकरण के साल 2016 से आज तक की सभी आपदाओं की रिपोर्ट को अपडेट करने के निर्देश दिए. इसके लिए घटना के आधार पर अलग-अलग कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं. सभी कर्मचारी एक ही हफ्ते में इसे अपडेट करेंगे. इस बैठक में यह भी देखा गया कि क्या पात्र लोगों तक आपदा के बाद मदद पहुंची है या नहीं. इसकी दोबारा समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
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Source: IOCL



























