राज्यसभा का टिकट न मिलने पर छलका कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का दर्द, 'मैं हाईकमान से...'
Rajya Sabha Election 2026: कांग्रेस के सीनियर नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सच बोलना राजनीति में अपराध और अभिशाप माना जाता है.

हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को टिकट दिया है. अनुराग शर्मा कांगड़ा जिला प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष हैं. पार्टी के सीनियर नेता आनंद शर्मा को कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है. इस पर उनका दर्द छलक गया है. उन्होंने कहा कि राजनीति में सेल्फ-रिस्पेक्ट बहुत महंगी पड़ती है. सच बोलना अक्सर जुर्म माना जाता है. आनंद शर्मा को सच बोलने से कभी नहीं रोका जा सकता.
'राजनीति में स्वाभिमान की कीमत चुकानी पड़ती है'
कांग्रेस के फैसले पर आनंद शर्मा ने कहा, "मैं निराशा तो नहीं कहूंगा लेकिन एक बात कहूंगा कि स्वाभिमान राजनीति में बहुत महंगा होता है. उसकी कीमत चुकानी पड़ती है. सच बोलना अपराध और अभिशाप समझा जाता है."
'मैं हाईकमान से बात नहीं करूंगा'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "दशकों से राज्य और देश को रिप्रेजेंट करना मेरे लिए गर्व की बात रही है. मैं हमेशा हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ रहूंगा. मैं यह मामला हाईकमान के पास नहीं ले जाऊंगा. मैं उनसे बात नहीं करूंगा."
अनुराग शर्मा का नाम आने से सभी हैरान!
बता दें कि कांग्रेस ने सभी को चौंकाते हुए अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाया. पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पार्टी की राज्य इकाई की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को राज्य से राज्यसभा सदस्य बनने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. हालांकि, अनुराग शर्मा की उम्मीदवारी ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों दलों के नेताओं को हैरानी में डाल दिया है.
सीएम सुक्खू के करीबी माने जाते हैं अनुराग
अनुराग शर्मा को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बहुत करीबी माना जाता है और कांग्रेस आला कमान द्वारा उनका चयन कांगड़ा जिले के लिए संतुलन साधने वाले कदम के रूप में देखा जा सकता है, जहां पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में 15 में से 10 सीट जीती थीं लेकिन उसे केवल दो मंत्री पद मिले थे.
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