हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का ऐलान, 50 साल पुरानी गाड़ियां होंगी विंटेज घोषित
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने ऑटोमैटिक अप्रूवल प्रणाली लागू कर 1000 करोड़+ राजस्व कमाया. मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि VIP नंबरों से 81 करोड़ आय हुई.

हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने पूरी तरह से ऑटोमैटिक अप्रूवल प्रणाली पर काम करना शुरू कर दिया है. विभाग की अधिकतर सेवाएं ऑटोमैटिक सिस्टम से लोगों को मिल रही है. इस वर्ष परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड एक हजार करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया है. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग को केंद्र सरकार से भी तय मानकों में बेहतर कार्य करने के लिए 93 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है.
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग को ऑटोमैटिक प्रणाली पर लाने का कार्य किया जा रहा है. गुड्स, टूरिस्ट और नेशनल परमिट अब ऑटोमैटिक प्रणाली पर चल रहा है. जिसका लाभ प्रदेश के 6543 लोग भी ले चुके हैं. डिजिटल फिटनेस प्रणाली भी शुरू की गई है. ATS (automatic testing system) के लिए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं ताकि अधिकारियों के रोल को खत्म किया जाए और इसमें पारदर्शिता लाई जा सके. इसके अलावा ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाए जा रहे हैं जो 6 स्थानों पर बन भी चुके हैं. वाहन की पर्यावरण अनुकूल स्क्रैपिंग की जा रही है
2257 गाड़ियों को स्क्रैप किया जा चुका है. विभाग ने 50 वर्ष पुरानी गाड़ी को विंटेज घोषित करने का निर्णय लिया है. इन गाड़ियों की VA (Vintage Agnihotri) नाम से नंबर प्लेट जारी होगी.
कांग्रेस सरकार ने तीन साल में अर्जित किया 2744 करोड़ राजस्व- मुकेश अग्निहोत्री
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तीन साल में 2744 करोड़ राजस्व अर्जित किया, जबकि बीजेपी के समय तीन साल में 1564 करोड़ ही राजस्व अर्जित किया था. गाड़ियों के VIP फैंसी नंबर की नीलामी से भी ट्रांसपोर्ट विभाग को 81 करोड़ की आय हुई है. एक नंबर की सीरीज से ही 44 नंबरों की बिक्री हुई , जिससे साढ़े चार करोड़ रुपया कमाया गया है. HP 97 0001 सबसे मंहगा 20 लाख में नीलाम हुआ हैं.
प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटर को केंद्र ने दी बड़ी राहत- मुकेश अग्निहोत्री
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटर को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. गाड़ी का परमिट और लाइफ की वैलिडिटी को 12 से बढ़ाकर 15 साल कर दिया है. इसका मसला केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया गया था. अब ट्रक ऑपरेटर भी मांग कर रहे हैं उनके मुद्दों को भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा. हिमाचल में जल ट्रांसपोर्ट की भी आपार संभावनाएं हैं, जिसको लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्रीय मंत्री से मामला उठाया था जिसके बाद 68 करोड़ का MOU साइन हुआ है.
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Source: IOCL
























