हिमाचल में कुदरत का कहर! मंडी में बनी कृत्रिम झील, अलर्ट जारी
Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पारछू पुल के पास NHAI द्वारा मलबे के डंपिंग से कृत्रिम झील बन गई है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.मंदिर, श्मशान घाट और पंप हाउस जलमग्न हैं.

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का दौर शुरू हो चुका है. इसी बीच एक चिंता पैदा करने वाली ख़बर सामने आई है. मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल में पारछू पुल के पास एक कृत्रिम झील बन गई है. जिससे इससे निचले इलाकों में मौजूद गांवों के लोगों को चिंता में डाल दिया है. इस कृत्रिम झील में पानी जमा हो गया है.
जलभराव के कारण एक मंदिर, श्मशान घाट और जल शक्ति विभाग का एक पंप हाउस जलमग्न हो चुके हैं. इधर मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक हिमाचल के कई इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. यदि बारिश होती है तो हालत बिगड़ सकते हैं. इसका डर भी लोगों को सता रहा है.
घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का लिया जायजा
स्थानीय लोग इस स्थिति के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मलबे के डंपिंग को जिम्मेदार मान रहे हैं. लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में एनएचएआई की डंपिंग ने पानी के प्रवाह को रोक दिया है. इससे झील बन गई है. झील बनने की सूचना पर धर्मपुर और सरकाघाट दोनों के एसडीएम घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
घबराने की नहीं है जरूरत
एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल की माने तो घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं होगा. इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है. हमारी टीमें जलभराव को कम करने और निचले इलाकों के गांवों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए एक ठोस योजना पर काम कर रही हैं.
'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोग इसे जिम्मेदार मान रहे हैं कि एनएचएआई ने क्षेत्र में मलबा डंप कर प्राकृतिक जल प्रवाह को बाधित किया है. उनका आरोप है कि अनियंत्रित डंपिंग की वजह से धारा का रास्ता बंद हो गया है, जिससे वहां झील जैसी स्थिति बन गई है. जैसे ही इसकी जानकारी मिली, धरमपुर और सरकाघाट के एसडीएम स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे.
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