RDG मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी हिमाचल प्रदेश सरकार, सीएम सुक्खू ने किया ऐलान
Himachal Pradesh News: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि RDG के मामले में सरकार कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास RDG बहाल करने की मांग को लेकर जाएंगे.

केंद्र द्वारा RDG (राजस्व अनुदान घाटा) को बंद करने के बाद हिमाचल में आर्थिक संकट के साथ सियासी गलियारों में भी गर्माहट है. RDG बंद करने को लेकर वित्त विभाग ने शिमला में एक प्रस्तुति दी. जिसमें सरकार की तरफ से मंत्री MLA और पत्रकार मौजूद रहे. हिमाचल के आर्थिक संकट पर प्रस्तुति दी गई.
हिमाचल के वित्त सचिव दिवेश कुमार ने बताया कि हिमाचल की आय 18 हजार करोड़ सालाना है जबकि खर्चा 48 हजार करोड़ रुपये है. हिमाचल के लिए अब दस हजार सलाना कर्ज ले सकते है, लेकिन इस पर ब्याज सहित 13 हजार करोड़ सालाना वापस करना पड़ रहा है.
अगले वित्तीय वर्ष के लिए खड़ी हो गई 2 करोड़ की देनदारियां
अगले वित्तीय वर्ष के लिए 2 हजार करोड़ की देनदारियां खड़ी हो गई है, यदि सरकार सभी अनुदान जैसे बिजली, पानी, बस किराए, खाद्य अनुदान (सब्सिडी) के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कर्मचारियों का DA, एरियर और नौकरियां बंद करते हैं तो अगले वित्त वर्ष में सालाना 52000 करोड़ आएगा, जबकि खर्चा 57000 करोड़ होगा.
RDG मामले में कोर्ट जाएगी सुक्खू सरकार
सीएम सुखविंदर सिंह ने कहा कि RDG के मामले में सरकार कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास RDG बहाल करने की मांग को लेकर जाएंगे. विपक्ष को भी साथ चलने का न्योता दिया जाएगा. RDG की मांग करना हिमाचल का अधिकार है. ये अधिकार मिलना चाहिए. सरकार ने राज्यपाल को RDG मामले में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा था जिसे सरकार ने खारिज कर दिया है. ये हिमाचल के हितों की लड़ाई है इसको लड़ेंगें.
अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा RDG बंद होने का असर
RDG बंद होने के हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर होने वाला है जिसे देखते हुए सुक्खू सरकार ने राजनीतिक लड़ाई के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान कर दिया है.RDG के बंद होने से राज्य की विकास योजनाएं, कर्मचारियों की सैलरी,पेंशन, विभिन्न सब्सिडी पर सीधा असर होगा. सीएम सुखविंदर सिंह की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई कैबिनेट मीटिंग और उसके बाद वित्त विभाग की प्रेजेंटेशन में RDG के प्रभावों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई.
वित्त विभाग के अनुसार, सालाना खर्चे पूरे करने के लिए हिमाचल सरकार को 48 हजार करोड़ की जरूरत रहती है जिसमें 42 हजार करोड़ तक सरकार अपने संसाधनों से जुटाने के बावजूद भी 6 हजार हजार करोड़ रुपए के घाटे में है ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि RDG बंद होना हिमाचल प्रदेश के विकास को सीधे प्रभावित करेगा. हालांकि, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों आश्वासन दिया है कि प्रदेश के विकास को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा.
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Source: IOCL



























