Himachal Pradesh Heliports: हिमाचल प्रदेश में तीन हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए पहले चरण की स्टेज- वन क्लीयरेंस मिल गई है. इनमें चंबा जिले के होली और पांगी में हेलीपोर्ट के साथ कुल्लू जिले के मनाली में ग्रीन टैक्स बैरियर के पास एक हेलीपोर्ट भी शामिल है. यह मंजूरी केंद्र सरकार की ओर से मिली है.
इससे न केवल परिवहन सुविधाओं का विकास होगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. हिमाचल प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में 16 हेलीपोर्ट बनाकर हवाई संपर्क को मजबूत करने की योजना है. बीते साल पेश हुए बजट में इसकी घोषणा की गई थी.
पर्यटन में साथ इमरजेंसी के दौरान हेलीपोर्ट होंगे मददगार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को जल्द से जल्द हेलीपोर्ट निर्माण से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा है. राज्य में हेलीपोर्ट बनने से न सिर्फ़ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इमरजेंसी के दौरान मरीज़ों को अच्छे अस्पतालों तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकेगी.
हिमाचल प्रदेश के कई ऐसे दूरदराज़ के इलाक़े हैं, जो बारिश और बर्फ़बारी के दौरान जिला मुख्यालयों से कट जाते हैं. हेलीपोर्ट इन इलाकों से मुख्य स्थानों तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है.
एयरपोर्ट विस्तारीकरण पर भी चल रहा काम
हेलीपोर्ट निर्माण के साथ ही राज्य में भुंतर और गग्गल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के काम को भी तेज़ी से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. मौजूदा वक्त में कांगड़ा स्थित गग्गल एयरपोर्ट 1 हजार 259 एकड़ में फैला हुआ है. यह एयरपोर्ट समुद्र तल से 2 हजार 492 फीट की ऊंचाई पर है.
कांगड़ा एयरपोर्ट का रनवे 1 हजार 372 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा है. इस एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का काम दो चरणों में पूरा होना है. पहले चरण में 1 हजार 900 मीटर और दूसरे चरण में 3 हजार 100 मीटर का विस्तारीकरण होगा. विस्तारीकरण का काम पूरा होने के बाद कम विजिबिलिटी में भी इस एयरपोर्ट से उड़ाने भरी जा सकेंगी.