हिमाचल प्रदेश: सीएम सुक्खू ने बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
Himachal Rains: मुख्यमंत्री सुक्खू ने भारी बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की. पिछले दो दिनों में 5 लोगों की जान गई, और 417 लोग इस मानसून में मारे गए हैं. 4582 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है.

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में पिछले 48 घंटों के दौरान हुई भारी वर्षा से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने प्राकृतिक आपदा से हुई जानमाल की क्षति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण पांच लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिनमें तीन लोग जिला मंडी के निहारी और दो के सदर उपमंडल के पंडोह मोहाल सुमा क्षेत्र से संबंधित है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं.
इस बार के मॉनसून ने हिमाचल प्रदेश पर भारी कहर बरपाया है। तेज़ बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं ने हमारे कई अपनों को हमसे छीन लिया और अपार जन-धन की हानि हुई। हर उस परिवार के दु:ख में हम बराबर के साझेदार हैं, जिन्होंने इस त्रासदी में अपनों को खोया है।
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) September 17, 2025
आज मैंने सभी ज़िलों के… pic.twitter.com/VhN9hrHaam
'अब तक 417 लोगों ने गंवाई है जान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह में राज्य में सामान्य से 136 प्रतिशत अधिक बारिश जबकि पूरे मॉनसून सीजन के दौरान अब तक 45 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि इस मॉनसून सीजन में अब तक 417 लोगों ने जान गंवाई है, 45 लोग लापता हैं और भारी वर्षा, बादल फटने और भू-स्खलन के कारण 4582 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. इस दौरान 15,022 संरचनात्मक नुकसान दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1502 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और 6467 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 6316 गौ शालाएं और 594 दुकानें शामिल हैं.
पुनर्वास कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी उपायुक्तों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को विशेषकर सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क संपर्क शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए ताकि सेब की फसल मंडियों तक पहुंच सके और बागवानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े.
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी की परियोजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए. इसके अलावा, उन्होंने एचपीएमसी को अपने संग्रहण केंद्रों से सेब ढुलाई के लिए अतिरिक्त वाहन लगाने को कहा.
'जनता की सुरक्षा राज्य सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता'
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. विशेष राहत पैकेज के अंतर्गत आपदा में बेघर हुए परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हजार रुपये मासिक किराया प्रदान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सामाजिक ताने-बाने को देखते हुए किराया प्रदान करने की शर्तों में ढील देने पर विचार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक बेघर लोगों को लाभान्वित किया जा सके. उन्होंने कहा कि असुरक्षित भवनों में रह रहे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें शीघ्र ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए.
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उप मुख्य-सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरदीप सिंह बावा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे, जबकि उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न जिलों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए.
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