हिमाचल के मंडी में बादल फटने से आपदा, 5 लोगों की मौत और 15 लापता, पानी में बहे लोगों के आशियाने
Himachal Pradesh Cloud Burst: बादल फटने से आई आपदा के बीच 132 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. लापता 15 अन्य लोगों की तलाश जारी है.

Himachal Cloud Burst Update: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार (30 जून) की आधी रात को अलग-अलग जगहों पर बादल फटने से आपदा आ गई. भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आई प्राकृतिक आपदा के बीच मंडी जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है.
उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपूर्व देवगन ने सभी संबंधित विभागों और अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल बनाते हुए राहत कार्यों का नेतृत्व किया.
मंडी जिले तीन उपमंडलों गोहर, करसोग और धर्मपुर में विभिन्न स्थानों पर बादल फटने, सदर मंडी में जलभराव औरभारी बारिश, बालीचौकी और थुनाग क्षेत्र में बाढ़ की घटनाएं हुईं. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके की ओर रवाना हुई और राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गईं.
आपदा में फंसे लोगों को पहुंचाई जा रही मदद
जगह-जगह फंसे 132 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया. मंडी शहर में जलभराव के कारण फंसे लोगों को विपाशा सदन और गुरुद्वारा में स्थापित राहत शिविरों में लाया गया. राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडी-मनाली के बीच सुरंग संख्या 11 और 13 के समीप भूस्खलन के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. जिला प्रशासन ने स्वयंसेवियों की मदद से सोमवार देर रात को ही इन लोगों को ब्रेड, बिस्किट और पानी इत्यादि उपलब्ध करवाया.
5 लोगों की मौत, 15 लापता
मंगलवार शाम 5.00 बजे तक मिली जानकारी के मुताबिक, जिला में अभी तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. आपदा में लापता 15 अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है. बादल फटने की घटना के बाद गोहर उपमंडल के स्यांजी में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की मदद राहत और बचाव कार्यों में ली गई है. साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की अतिरिक्त टीम भी तैनात की गई.
24 घर और 12 गौशालाएं नष्ट
थुनाग क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम भेजी गई है, जबकि करसोग क्षेत्र में एनडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग किया. धर्मपुर क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है. इसके अतिरिक्त, अन्य उपमंडलों में भी स्थानीय प्रशासन ने भारी बारिश एवं भूस्खलन इत्यादि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चलाए. जिला में अभी तक 24 घरों तथा 12 गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने तथा 30 पशुधन की हानि की सूचना है.
Source: IOCL





















