हिमाचल प्रदेश: बीजेपी का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, 'मोटर साइकिल पर ढोई गई टनों के हिसाब से रेता बजरी'
Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता बलबीर वर्मा ने सुक्खू सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में स्कूटर और मोटरसाइकिलों पर रेत, बजरी और सीमेंट ढोया गया.

हिमाचल बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता और विधायक बलबीर वर्मा ने सुक्खू सरकार पर अनियमितता के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार की चैंपियन है और स्कूटर पर सेब, चमत्कारी खच्चर पर टनों की रोड़ी रेता, स्कूटर मोटरसाइकिल पर पानी, मोटरसाइकिल से जेसीबी का काम ले रही है.
बलवीर वर्मा ने सिरमौर के एक कांग्रेस नेता, रामपुर भारापुर पंचायत कि कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त सबूतों के आधार पर हम सीधा-सीधा आरोप लगाते हैं.
उन्होंने कहा, ''सिरमौर में रामपुर भारापुर पंचायत में स्कूटर और छोटी गाड़ियों में टनों के हिसाब से रेता, रोड़ी, गटका और सीमेंट ढोया गया है. इसी के साथ-साथ फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने से ठेकेदार के खाते में भुगतान भी किया गया है.''
'महंगाई बढ़ रही है तो ढुलाई के दाम कम कैसे हो गए'
विधायक बलबीर वर्मा ने खुलासा करते हुए कहा की मोटरसाइकिल नंबर एचपी-71-5062 पर दो फेरों में 17.80 मीट्रिक टन और मोटरसाइकिल नंबर एचपी-71-6233 पर दो चक्कर में 8 मीट्रिक टन रेता रोड़ी की ढुलाई कर दी गई. इसका प्रमाण आरटीआई के माध्यम से लिए गए कागजात जो कि संलग्न है. साथ ही एक 945 किलो कैपेसिटी वाली गाड़ी एचपी-71-4878 मेट्रिक टन, 21.70 मीट्रिक टन रोड़ी की ढुलाई कर दी गई.
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल यहीं नहीं रुका, एक ही प्रकार के दो-दो बिल एक ही ठेकेदार के नाम पर क्लियर कर दिए गए. ठेकेदार की बिल संख्या 154 और 152 किस प्रमाण है, जिसमें रेता, बजरी और गटका एक समान भेजा गया है. जिसका भुगतान भी हुआ है. एक और चीज देखने योग्य है, 2022 में सीमेंट की ढुलाई 2998 रुपये के हिसाब से की गई है और 2024 में इसी सीमेंट की ढुलाई 1534 रुपये के हिसाब से की गई है. जहां महंगाई बढ़ रही है तो ऐसा कैसे हो सकता है कि ढुलाई के दाम कम हो गए.
'जांच होनी चाहिए.'
विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि अगर इस कृत्य की एक हाई लेवल इंक्वायरी हो तो यह करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलकर आएगा. हम सरकार से मांग करते हैं कि इस भ्रष्टाचार के मामले के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जाए. जिसमें एक उच्चतम अधिकारी और न्यायाधीश सदस्य हो.
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