अब सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक ही कैडर, सुक्खू सरकार का सैद्धांतिक फैसला, क्या होगा फायदा?
Himachal Pradesh News: हिमाचल के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों में अब एक सामान्य कैडर होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सैद्धांतिक फैसला लिया है.

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने एक व्यवस्था को बदलने का सैद्धांतिक फैसला लिया है. मौजूदा वक्त में मेडिकल कॉलेज में स्पेशल कैडर प्रणाली का पालन किया जाता है. इससे प्रशासनिक विसंगतियों के साथ सेवा शर्तों में भी कुछ कमियां देखी जा रही हैं. इसके अलावा नए मेडिकल कॉलेजों में भी कैडर की कमी हो जाती है. इस परेशानी से निपटने के लिए ही राज्य सरकार ने सामान्य कैडर बनाने का फैसला ले लिया है. फिलहाल, फैसला सैद्धांतिक रूप से लिया गया है. जल्द अंतिम रूप देने की बात कही गई है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया कि है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मेडिकल की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सामान्य कैडर की स्थापना से एक मजबूत प्रणाली बनेगी. इससे राज्य भर में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानक सुनिश्चित होंगे.
मेडिकल कॉलेजों में सामान्य कैडर
नई व्यवस्था से समान, दक्ष, बेहतर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में मदद मिलेगी. दावा है कि सरकार की नई कवायद से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी. साथ ही मेडिकल संस्थानों का प्रबंधन उच्चस्तरीय होगा. मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवा की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
फैकल्टी प्रमोशन के अवसर बढ़ेंगे
कांग्रेस सरकार का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों की सेवा शर्तों में बैलेंस बनाते हुए भर्ती प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मानिक स्थापित होगा. करियर उन्नति के अवसर भी मिलेंगे. इससे संकाय के बेहतर उपयोग और संसाधनों को ठीक ढंग से आवंटित करने में मदद मिलेगी. इस पहल का उद्देश्य करियर विकास में असमानताओं को दूर कर फैकल्टी प्रमोशन के लिए योग्यता पर आधारित प्रणाली को बढ़ावा देना है.
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