Himachal Pradesh News: हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन की प्रबंध निदेशक के साथ वार्ता बेनतीजा रही है. बैठक में प्रबंधन ने एक महीने का ओवर टाइम देने के लिए ही हामी भरी, लेकिन शेष 38 महीनों का नाइट ओवर टाइम अभी भी पेंडिंग है. ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने अब सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन को 15 मई तक का आखिरी समय दिया है. अगर ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन की बात नहीं मानी गई, तो रात्रि बस सेवा बंद कर दी जाएगी. इससे पहले बस सेवा 6 मई की रात से बंद होनी थी, लेकिन यूनियन को 9 मई को बात करने के लिए बुलाया गया. इसके बाद यह फैसला तीन दिन के लिए टल गया.
निगम को 15 मई तक का अल्टीमेटमएचआरटीसी ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि यूनियन को वार्ता के लिए बुलाने के बाद आंदोलन को कुछ दिन के लिए होल्ड किया गया था, लेकिन प्रबंधन के साथ जो बैठक हुई है उसमें कोई सहमति नहीं बन पाई. यूनियन ने एक बार फिर निगम प्रबंधन को 15 मई तक का अल्टीमेटम दिया है. अगर 15 मई तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती हैं, तो रात्रि बस सेवा को बंद कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हर दिन का एडवांस ओवर टाइम मिलने की स्थिति में ही ड्राइवर-कंडक्टर ड्यूटी पर जाएंगे.
38 महीने का ओवर टाइम पेंडिंगइसके अलावा हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में काम कर रहे कर्मचारियों की तनख्वाह भी हर महीने देरी से आ रही है. अन्य सभी विभागों की तनख्वाह हर महीने की 1 तारीख को आ जाती है. सिर्फ निगम प्रबंधन के कर्मचारियों की ही तनख्वाह में देरी होती है. ऐसे में इन कर्मचारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है. नाइट बस सर्विस पर भी ड्राइवर-कंडक्टर को अपनी जेब से पैसे खर्च में पड़ते हैं और प्रबंधन इनका कोई खर्च नहीं उठाता. चिंता का विषय है कि बीते 38 महीने से नाइट ओवर टाइम का भुगतान ही नहीं किया गया.