सिख फॉर जस्टिस की CM सुक्खू को धमकी, 'आंबेडकर जयंती से संबंधित कार्यक्रमों को रद्द करें'
Himachal News: एसएफजे ने 14 अप्रैल को हिमाचल विधानसभा के पास चौड़ा मैदान में स्थित आंबेडकर प्रतिमा पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की.

Himachal Pradesh News: प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को धमकी दी है, जिसमें उन्हें राज्य में 14 अप्रैल को बीआर आंबेडकर की जयंती से संबंधित सभी समारोहों को रोकने के लिए कहा गया है. एसएफजे ने राज्य सरकार से इस संदेश को गंभीरता से लेने को कहा है.
मीडिया के साथ शेयर किए गए एक पत्र में एसएफजे ने 14 अप्रैल को राज्य विधानसभा के पास चौड़ा मैदान में स्थित आंबेडकर प्रतिमा पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की.
'आंबेडकर जयंती से संबंधित कार्यक्रमों को रद्द करें'
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 9 अप्रैल को सिख फॉर जस्टिस (SFJ) की ओर से कहा गया, ''सार्वजनिक या शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आयोजित बीआर आंबेडकर की जयंती से संबंधित कार्यक्रमों को रद्द करें और सभी राज्य-नियंत्रित संस्थाओं से आंबेडकर का नाम और फोटो हटा दें. एसएफजे ने राज्य की सुक्खू सरकार से इस संदेश को गंभीरता से लेने को कहा है.
SFJ ने कार्रवाई की चेतावनी दी
सिख फॉर जस्टिस ने वॉर्निंग देते हुए कहा, ''इसका पालन न करने पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों में औपचारिक शिकायत की जाएगी और जिम्मेदार संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.'' पत्र के अनुसार, आंबेडकर ने भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करते समय अनुच्छेद 25(बी) जोड़ा, जो सिखों को हिंदू के रूप में वर्गीकृत करता है, जिससे सिखों को एक अलग धर्म के रूप में कानूनी मान्यता और अलग-अलग व्यक्तिगत और धार्मिक कानूनों के तहत सुरक्षा से वंचित कर दिया गया.
SFJ की ओर से जारी पत्र में आगे कहा गया है कि हिमाचल को उस व्यक्ति का महिमामंडन नहीं करना चाहिए जिसने 1984 से 1995 तक सिखों के नरसंहार के लिए संवैधानिक आधार तैयार किया. मीडियाकर्मियों ने पुलिस के साथ पत्र शेयर किया है और उनके जवाब का इंतजार है.
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