हिमाचल के मंडी में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी बस, हादसे में 7 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा घायल
Himachal News: हिमाचल के मंडी में एचआरटीसी की बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई. इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

हिमाचल के मंडी जिले के सरकाघाट में गुरुवार (24 जुलाई) को दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एचआरटीसी की बस 30 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई जबकि 20 से 25 लोग घायल हो गए.
ये हादसा सरकाघाट के मसरेन के त्रांगला गांव में हुआ. मरने वालों में तीन पुरूष और चार महिलाएं शामिल हैं. घायलों को सरकाघाट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. वहीं गंभीर रूप से घायलों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है.
वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सरकाघाट क्षेत्र में मसेरन के निकट तारंगल में हुई बस दुर्घटना के घायलों का कुशलक्षेम जाना. उन्होंने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की.
मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये
डिप्टी सीएम ने घटनास्थल का दौरा किया और इस दुर्घटना की न्यायिक जांच करवाने की बात कही. वहीं मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 25-25 हजार रुपए तथा घायलों को पांच-पांच हजार रुपए की फौरी राहत राशि प्रदान की गई है.
16 साल के किशोर की भी गई जान
घायलों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सरकाघाट अस्पताल तक पंहुचाया गया. हादसे में एक 16 साल के किशोर की भी मौत हो गई है. हादसे की जाचं जारी है.
जानकारी के मुताबिक गुरुवार (24 जुलाई) की सुबह सरकाघाट से दुर्गापुर जा रही एचआरटीसी की बस मंडी जिले के मसेरन से गुजर रही थी तब ही त्रांगला के पास 30 मीटर नीचे गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दुर्घटना में सात लोगों (तीन महिलाएं और 4 पुरुष) की मौत हो गई है और घायलों को सरकाघाट के सिविल अस्पताल ले जाया गया है.
गहरी खाई में लुढ़की बस
वहीं अस्पताल में भर्ती घायल व्यक्ति ने बताया कि यह बस सरकाघाट से दुर्गापुर जा रही थी और त्रांगला गांव के पास दुर्घटना का शिकार हो गई. बस तकरीबन 30 मीटर गहरी खाई में लुढ़क गई. बस में 30 से 40 लोग सवार थे.
हादसे के कारणों का लगा रहे पता- डीएसपी
हादसे को लेकर डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने कहा कि इस बस में 29 लोग सवार थे उन्होंने कहा कि पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और घायलों की पुष्ट संख्या का पता लगाया जा रहा है.
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Source: IOCL























