25 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया. रविवार (2 नवंबर) को खेले गए इस रोमांचक फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को मात देकर ट्रॉफी अपने नाम की. जीत में हरियाणा की बेटी शेफाली वर्मा का अहम योगदान रहा. उन्होंने न सिर्फ बल्ले से 87 रनों की शानदार पारी खेली, बल्कि गेंदबाजी में भी दो अहम विकेट चटकाकर भारत को जीत की राह दिखाई. इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
टीवी बंद पड़ा, फिर भी नहीं रुका जोश
रोहतक में शेफाली के घर और उनकी क्रिकेट एकेडमी में मैच को लेकर अलग ही माहौल था. पूरा परिवार, रिश्तेदार और उनके कोच मैच देखने के लिए इकट्ठा हुए थे. लेकिन जैसे ही मैच शुरू हुआ, टीवी ने काम करना बंद कर दिया. परिवार का उत्साह नहीं टूटा. सबने तुरंत अपने-अपने मोबाइल निकाले, उन्हें एक जगह रख दिया और मोबाइल स्क्रीन पर ही मैच देखना शुरू कर दिया.
जब भी शेफाली चौका या छक्का लगातीं, तो पूरा घर खुशी से झूम उठता. बच्चे उछल पड़ते, मां की आंखों में गर्व के आंसू थे, और माहौल किसी त्योहार से कम नहीं लग रहा था.
पिता ने बांध लिए हाथ, बेटी की इनिंग में लिया भगवान का नाम
मैच के दौरान शेफाली के पिता संजीव वर्मा सबसे अलग नजर आए. जब शेफाली बल्लेबाजी करने उतरीं, तो वह एक कुर्सी पर बैठ गए, दोनों हाथ बांध लिए और पूरी इनिंग के दौरान भगवान का नाम लेते रहे.
उन्होंने कहा, “बेटी ने जो मेहनत की थी, उसका फल आज मिल गया. जब वो बैटिंग कर रही थी, तो मैं हर गेंद पर बस भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि उसका आत्मविश्वास बना रहे.”
शेफाली की मां भी पूरे समय टीवी (या कहें मोबाइल स्क्रीन) के सामने बैठी रहीं. उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह दिन किसी सपने से कम नहीं. बेटी ने देश का नाम रोशन किया है.
जीत के बाद घर में जश्न
जैसे ही भारत ने जीत दर्ज की, रोहतक का माहौल पूरी तरह बदल गया. शेफाली के घर और एकेडमी में पटाखे फूटे, ढोल बजे, और परिवार वालों ने नाच-गाकर जीत की खुशी मनाई. बच्चों ने हाथों में झंडे लिए भारत माता की जय के नारे लगाए.
संजीव वर्मा ने कहा कि हम भगवान, बीसीसीआई और चयनकर्ताओं का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने शेफाली को यह मौका दिया. बेटी ने देश का सिर गर्व से ऊँचा किया है.
