पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नौसेना के अधिकारी विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि 1 मई को मेरे बेटे विनय का जन्मदिन है. उनके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए और देश सेवा के लिए उनकी शहादत को लेकर कई संस्थानों से संपर्क किया था. मैंने संस्थाओं से अपील की थी कि मैं अपने बेटे के जन्मदिन पर ब्लड डोनेशन कैंप ऑर्गेनाइज करना चाहता हूं.
विनय नरवाल को मिले शहीद का दर्जा- पिता
राजेश नरवाल ने बताया कि 'एक बूंद रक्त की मेरे बेटे के शहादत के नाम' से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया जाएगा. लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को हम शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. वह डिजर्व करता है. वह एक देश सेवा के लिए काम करता था और निहत्थे होने पर उसपर हमला हुआ है. डॉक्टर की सलाह पर हम लोग भी ब्लड डोनेट करेंगे.
हिमांशी की पत्नी क्या चाहती हैं?
इसके साथ ही उन्होंने कहा, "मेडिकल यूनिवर्सिटी हरियाणा जो अभी निर्माणाधीन है, का नाम मेरे बेटे लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के नाम हो. यह मैं चाहूंगा. अगर सरकार इस यूनिवर्सिटी का नाम मेरे बेटे के नाम पर करती है तो इसी के साथ में मैं अपनी बेटे का और अपनी प्रॉपर्टी का 50 फीसदी हिस्सा यूनिवर्सिटी के नाम करूंगा. मेरी पुत्रवधू हिमांशी भी चाहती है कि उसके पति का नाम हमेशा अमर रहे. इसलिए हम इस संस्था का नाम अपने बेटे के नाम पर करना चाहते हैं.
16 अप्रैल को हुई थी शादी
बता दें कि करनाल के रहने वाले नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल कोच्चि में तैनात थे. वो छुट्टी पर अपनी पत्नी हिमांशी के साथ पहलगाम के बैसरन घाटी घूमने गए थे. आतंकियों ने हिमांशी के सामने विनय नरवाल का धर्म पूछा और उन्हें गोली मार दी. हिमांशी की पति के शव के पास बैठी तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इसी महीने 16 अप्रैल को दोनों की शादी हुई थी.