सोनीपत से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर सफर करना अब जानलेवा साबित हो रहा है. हाईवे पर होटल और ढाबों के सामने बने अवैध कट (Illegal Cuts) मौत के रास्ते बन चुके हैं. पिछले तीन सालों में इन अवैध कटों के कारण हुए सड़क हादसों में 76 बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है. अब 76 मौतों के बाद आखिरकार सिस्टम की नींद टूटी है और सोनीपत ट्रैफिक पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपना लिया है. पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को जल्द से जल्द इन मौत के कटों को बंद करने के सख्त निर्देश दिए हैं.
3 साल में 100 हादसे, 76 लोगों ने गंवाई जान
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सोनीपत से गुजरने वाले इस नेशनल हाईवे पर पिछले 3 वर्षों में अवैध कटों की वजह से 100 के करीब भीषण सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 76 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है. इसके बावजूद कई स्थानों पर मौत के ये रास्ते अब भी धड़ल्ले से खुले हुए हैं. ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इन अवैध कटों को बंद कराने के लिए NHAI अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं. समय-समय पर कार्रवाई कर कट बंद भी किए गए, लेकिन होटल और ढाबा संचालकों द्वारा उन्हें फिर से खोल दिया जाता है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है.
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NHAI अधिकारियों की मिलीभगत की होगी जांच
डीसीपी ट्रैफिक (DCP Traffic) नरेंद्र कादयान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि नेशनल हाईवे पर करीब 20 ऐसी जगहें चिह्नित की गई हैं, जहां होटल और ढाबों के सामने अवैध कट बनाए गए हैं. यही हादसों की सबसे बड़ी वजह हैं.
डीसीपी कादयान ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "इन कटों को बंद करने के लिए बार-बार NHAI को लिखा जाता है. अगर जांच में यह सामने आया कि किसी NHAI अधिकारी की मिलीभगत से ये अवैध कट दोबारा खोले गए हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी." पुलिस ने साफ कर दिया है कि बहुत जल्द इन सभी अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद करवा दिया जाएगा.
