पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के करीब तीन महीने से अधिक वक्त के बाद सोमवार (28 जुलाई) को श्रीनगर में तीन आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया है. इस बीच पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता विजय नरवाल ने ऑपरेशन महादेव को लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने सुरक्षाबलों के जवानों को इस कार्य के लिए धन्यवाद दिया है और इसे बड़ी सफलता बताया है. उन्होंने कहा कि आतंकियों को खोजकर मारना, ये कोई आसान काम नहीं था.
जवानों को धन्यवाद करता हूं- विनय के पिता
विनय नरवाल के पिता विजय नरवाल ने श्रीनगर में एनकाउंटर को लेकर कहा, ''सबसे पहले मैं भारतीय सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेस, जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने उस ऑपरेशन में हिस्सा लिया. मैं उनकी बहादुरी, शौर्य, उनके अदम्य साहस और सरकार की ओर से दिए गए उनके सपोर्ट को सलाम करता हूं.''
'जान पर खेलकर आतंकियों को मारना आसान काम नहीं था'
पहलगाम हमले में शहीद विनय नरवाल के पिता ने आगे कहा, ''सुरक्षाबलों के जवानों ने जिस शौर्य के साथ अपनी जान पर खेलकर आतंकवादियों को ढूंढकर मारा, ये कोई आसान काम नहीं था, इसलिए उन्हें बारंबार सैल्यूट करता हूं. उनकी बहादुरी को नमन करता हूं, उन्हें इस काम के लिए पूरा सम्मान मिलना चाहिए. जैसा कि पता चला है कि उसमें से एक आतंकवादी हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह पहलगाम आतंकवादी घटना का मास्टरमाइंड रहा है. हमारे जवानों ने उसे भी मार गिराया है. ये बहुत ही शौर्य का परिचय उन्होंने दिया है.''
- पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमला हुआ था
- पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की हुई थी मौत
- भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी पहलगाम आतंकी हमले में हुए थे शहीद
- पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था
आतंकी हाशिम मूसा को लेकर क्या बोले नरवाल के पिता?
उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर आगे कहा, ''मैं तो ये कहूंगा कि कहीं न कहीं इसमें पाकिस्तान और वहां की सेना का हाथ रहा है. पहलगाम हमला उनके द्वारा ही प्रायोजित था. ये मैंने सुना भी है कि हाशिम मूसा जो है, ये वहां कि एक स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप का कमांडो रहा है. इसमें तो कोई दो राय नहीं रही कि ये उनकी ओर से प्रायोजित है. कहीं न कहीं आज बहुत ही अच्छी सफलता मिली है.''
सभी आतंकियों का खात्मा जल्द हो- विजय नरवाल
विजय नरवाल ने ये भी कहा, ''इस तरह के जितने भी आतंकवादी कहीं पर भी हैं, उन सभी का खात्मा ऐसे ही जल्द से जल्द हो. हो सकता है कि तीनों जो मारे गए हैं, वो सभी पहलगाम हमले में शामिल रहे हों. आप और हमें अभी इस बारे में नहीं पता है. वो पहलगाम हमले में शामिल रहे या नहीं लेकिन उनके पास आरडीएक्स, हथियार मिले हैं. उनके पास इस तरह की डिवाइस है जो आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई हैं और वो काफी समय से उस एरिया में एक्टिव थे तो उनका मारा जाना एक बड़ी सफलता है.''