Haryana Rajya Sabha Elections 2026: हरियाणा राज्यसभा चुनाव में BJP, कांग्रेस के बाद अब निर्दलीय की एंट्री! किसका बिगड़ेगा खेल?
Haryana Rajya Sabha Elections 2026: हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए तीसरे प्रत्याशी की भी एंट्री हो गई है. अब यह सवाल है कि सतीश नांदल किसका खेल बिगाड़ेंगे.

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. दो सीटों पर होने वाले इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल भी नामांकन के लिए हरियाणा विधानसभा पहुंचे. सतीश नांदल पहले साल 2019 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं. बीजेपी की ओर से संजय भाटिया ने नामांकन दाखिल किया, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बीजेपी हरियाणा इकाई के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. भाटिया ने अपने नामांकन के बाद पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए जनता और पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आश्वासन दिया.
वहीं, कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए एससी चेहरे करमवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार घोषित किया. बौद्ध ने नामांकन से पहले राहुल गांधी, के सी वेणुगोपाल और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद दिया. उनका नामांकन पार्टी में दलित और पिछड़े वर्गों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति के तहत किया गया है. इस फैसले को लेकर हरियाणा कांग्रेस में नाराजगी देखने को मिली, विशेष रूप से ओबीसी मोर्चे ने इस पर असंतोष जताया. ओबीसी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तेलूराम जांगड़ा ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान करते हुए दावा किया कि कई अन्य ओबीसी नेता भी इसी फैसले से असंतुष्ट हैं.
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए क्या है नंबर गेम?
हरियाणा विधानसभा के 90 सदस्यों में से बीजेपी के 48 विधायक हैं, कांग्रेस के 37, इनेलो के 2, जबकि तीन निर्दलीय विधायक सत्तारूढ़ पार्टी का समर्थन करते हैं. राज्यसभा में जीत के लिए दोनों उम्मीदवारों को 31-31 मतों की आवश्यकता है. चुनाव संबंधी अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की गई थी, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च, नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च और उम्मीदवार वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च है. आवश्यकता पड़ने पर मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी.
इस चुनाव से पहले हरियाणा में कांग्रेस में घमासान भी तेज है. एससी उम्मीदवार बौद्ध के नाम की घोषणा से ओबीसी नेताओं में नाराजगी और नाराज कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ना इसका प्रमाण है. बीजेपी इस मौके का फायदा उठाकर निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने पर विचार कर रही है. चंडीगढ़ में इस मामले को लेकर पार्टी नेताओं की लगातार बैठकें चल रही हैं.
Source: IOCL



























