कतर में फंसे हरियाणा के युवा, रोहतक के सुरेंद्र ने वीडियो जारी कर सरकार से मांगी सुरक्षित वापसी
Rohtak Hindi News: ईरान-कतर तनाव में हरियाणा के कई युवा कतर में फंसे हैं, जिनमें रोहतक के सुरेंद्र भी शामिल हैं. बमबारी के बीच फंसे सुरेंद्र ने वीडियो जारी कर मदद मांगी है.

ईरान और कतर के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिसाइल हमलों ने हरियाणा के कई परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है. रोहतक जिले के मायना गांव का निवासी सुरेंद्र उर्फ काला इस वक्त कतर में भीषण बमबारी के बीच फंसा हुआ है.
सुरेंद्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर वहां के खौफनाक मंजर को बयां किया है, जिसके बाद परिजनों ने भारत सरकार से इन युवाओं को सुरक्षित निकालने की भावुक अपील की है.
मर्चेंट नेवी में कार्यरत है सुरेंद्र, वीडियो में दिखीं मिसाइलें
सुरेंद्र पिछले तीन वर्षों से कतर में मर्चेंट नेवी में काम कर रहा है. वह इसी 27 फरवरी को वापस ड्यूटी पर कतर गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही युद्ध जैसे हालात बन गए. सुरेंद्र द्वारा साझा किए गए वीडियो में आसमान में उड़ते ड्रोन और गिरती मिसाइलों को साफ देखा जा सकता है. वीडियो संदेश में सुरेंद्र ने बताया कि कल रात 11 बजे तक भीषण हमले हुए, जिसके बाद सभी एयरवेज को बंद कर दिया गया है.
हरियाणा और उत्तराखंड के कई युवा फंसे
सुरेंद्र के अनुसार, उसके साथ हरियाणा के करीब 6 से 7 अन्य युवक और उत्तराखंड का एक साथी भी फंसा हुआ है. हवाई सेवाएं ठप होने के कारण वे एयरपोर्ट से निकलकर एक सुरक्षित स्थान (शेल्टर) पर शरण लिए हुए हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय एंबेसी से उनकी बात हुई है और दूतावास ने उन्हें सुरक्षित निकालने का आश्वासन दिया है, लेकिन युद्ध की बढ़ती तीव्रता ने उनकी चिंता बढ़ा दी है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सुरेंद्र की पत्नी प्रीति और अन्य परिजनों का बुरा हाल है. प्रीति ने बताया कि जैसे ही सुरेंद्र का वीडियो और बमबारी की खबर मिली, पूरा परिवार सदमे में आ गया. परिजनों का कहना है कि यदि ईरान के हमले और तेज हुए तो वहां फंसे युवाओं की जान को गंभीर खतरा हो सकता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि विशेष विमान या कूटनीतिक रास्तों के जरिए जल्द से जल्द सभी भारतीयों को वहां से निकाला जाए.
सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए गए युवा
राहत की बात यह है कि ताजा वीडियो कॉल में सुरेंद्र ने खुद को फिलहाल सुरक्षित बताया है. एंबेसी के निर्देशानुसार सभी युवकों को संवेदनशील इलाकों से हटाकर सुरक्षित जोन में भेज दिया गया है. हालांकि, कतर में एयरबेस बंद होने के कारण उनकी घर वापसी का रास्ता फिलहाल बंद है, जिसे लेकर हरियाणा में उनके गांव और घर में भारी तनाव का माहौल है.
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