महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है. इस ऐलान पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने इसे एक मजबूत फैसला बताते हुए तारीफ की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने दक्षिण भारत से उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक संतुलन को और मजबूत किया है.
विज ने अंबाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "राधाकृष्णन ने अपनी जिम्मेदारियों का बहुत कुशलता से निर्वहन किया है… बीजेपी ने दक्षिण से उपराष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम आगे बढ़ाया है. उनका अनुभव और समर्पण एनडीए की एकता को और मजबूती देगा."
बीजेपी का दक्षिण भारत पर फोकस
बीजेपी संसदीय बोर्ड ने रविवार को राधाकृष्णन का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए घोषित किया गया था. बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया.
नड्डा ने राधाकृष्णन को "अनुभवी और समर्पित नेता" बताते हुए कहा कि उनका योगदान देश की राजनीति में बेहद अहम रहा है.
कई राज्यों के राज्यपाल रहे राधाकृष्णन
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ. उनकी राजनीतिक शुरुआत आरएसएस से हुई और 1970 के दशक में वे जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति से जुड़े. बाद में 1998 और 1999 में कोयंबटूर से बीजेपी सांसद बने और संसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई.
18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक वे झारखंड के राज्यपाल रहे और सभी जिलों का दौरा किया. इसके बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल बने और तेलंगाना व पुदुचेरी का अतिरिक्त प्रभार संभाला. कॉलेज में वे टेबल टेनिस चैंपियन, लंबी दूरी के धावक रहे और क्रिकेट व वॉलीबॉल के शौकीन हैं.
9 सितंबर को होंगे चुनाव
बता दें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा. नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त और जांच 22 अगस्त को होगी. पिछले महीने जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह चुनाव हो रहा है.