पानीपत: शिक्षा मंत्री के गोद लिए गांव का स्कूल बदहाल, छात्राएं बोलीं- 'न पानी, न सुरक्षा, डर के साए में...'
Panipat News In Hindi: हरियाणा के रजापुर सरकारी स्कूल में बच्चों को पानी, सुरक्षा और बाउंड्री वॉल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं. छात्राएं सड़क पार कर बाथरूम जाने को मजबूर हैं.

हरियाणा की बीजेपी सरकार और प्रदेश के शिक्षा मंत्री सरकारी स्कूलों की बेहतर व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है. मामला पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रजापुर गांव के सरकारी स्कूल का है, जहां बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है.
स्कूल में ना पीने के पानी की व्यवस्था है, ना चारदीवारी है और ना ही सुरक्षा के इंतजाम. हालत यह है कि छात्र-छात्राओं को पानी पीने और बाथरूम जाने के लिए सड़क पार कर स्कूल के दूसरे भवन में जाना पड़ता है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है.
खुले पड़े स्कूल में घूमते हैं आवारा पशु और युवक
स्कूल की सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा को लेकर सामने आई है. स्कूल में ना मुख्य गेट लगा है और ना ही चारदीवारी बनी हुई है. ऐसे में आवारा पशु और बाहरी लोग कभी भी स्कूल परिसर में घुस आते हैं. छात्राओं का कहना है कि कई बार आवारा युवक भी स्कूल के आसपास घूमते रहते हैं, जिससे उन्हें असहज महसूस होता है.
स्थिति इतनी खराब है कि गांव वालों को बच्चों की सुरक्षा के लिए खुद कमेटी बनानी पड़ी है. यह कमेटी स्कूल टाइम के दौरान पहरा देती है ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें. हैरानी की बात यह है कि जिस गांव के स्कूल की ये हालत है, उस गांव को खुद शिक्षा मंत्री ने गोद लिया हुआ है.
स्कूल की अध्यापिका सितारानी ने बताया कि स्कूल की सबसे बड़ी समस्या चारदीवारी ना होना है. उन्होंने कहा कि चारदीवारी नहीं होने की वजह से बच्चों को हर समय असुरक्षित महसूस होता है. यही कारण है कि स्कूल में बने बाथरूम भी बंद पड़े हैं.
उन्होंने बताया कि स्कूल खुला होने की वजह से आवारा पशु और बाहरी लोग लगातार अंदर आते रहते हैं. इतना ही नहीं, ग्रामीण भी अपने वाहन लेकर स्कूल परिसर से ही निकलते हैं. अध्यापिका ने कहा कि जिस स्कूल में चारदीवारी ना हो, वह किसी भी स्कूल की सबसे बड़ी कमजोरी होती है.
स्कूल की जमीन पर कब्जे का आरोप
अध्यापिका ने बताया कि स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसकी वजह से बाउंड्री वॉल नहीं बन पा रही. इस समस्या को लेकर स्कूल प्रिंसिपल और गांव के सरपंच द्वारा कई बार शिक्षा विभाग और सरकार को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला.
उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में कमरों की भारी कमी है. एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं लगाई जाती हैं, जबकि कुछ बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. बरामदे में पंखों की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे गर्मी में बच्चों को काफी परेशानी होती है.
दो साल से समस्याओं से जूझ रहा स्कूल
ग्रामीण गुरमुख ने बताया कि पिछले करीब दो साल से स्कूल इन समस्याओं से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि स्कूल की जमीन पर कब्जा होने के कारण बाउंड्री वॉल का काम अटका हुआ है. फिलहाल स्कूल में तारबंदी की गई है ताकि आवारा पशु क्लासरूम तक ना पहुंच सकें.
गुरमुख ने बताया कि पूरा स्कूल चारों तरफ से खुला पड़ा है. लोग यहां अपने वाहन तक खड़े कर देते हैं. कई बार शिकायतों के बाद मामला एसडीएम कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने स्कूल के पक्ष में फैसला भी सुनाया, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.
उन्होंने बताया कि कई बार ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है. गुरमुख ने कहा कि बच्चे दिनभर सड़क पार कर पानी पीने और बाथरूम जाने के लिए मजबूर हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
डर और असुरक्षा के बीच पढ़ाई- छात्राएं
स्कूल की छात्रा भावना ने बताया कि बाउंड्री वॉल नहीं होने की वजह से स्कूल के बाथरूम नहीं खोले जा रहे हैं. छात्राओं को हर समय डर बना रहता है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल में आ सकता है.
उन्होंने कहा कि खेलकूद की गतिविधियां भी सही तरीके से नहीं हो पा रही हैं. पानी पीने और बाथरूम जाने के लिए सड़क पार कर दूसरे भवन में जाना पड़ता है, जिससे काफी असुरक्षा महसूस होती है. छात्राओं ने कहा कि इस माहौल में पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पाती.
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शिक्षा विभाग और मंत्री से लगाई मदद की गुहार
स्कूल की छात्राओं और ग्रामीणों ने पानीपत जिले के शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा मंत्री से जल्द से जल्द स्कूल की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जब शिक्षा मंत्री के गोद लिए गांव के स्कूल की यह हालत है, तो बाकी सरकारी स्कूलों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.

























