Gurugram News: फायरकर्मियों के धरने का समर्थन करने पहुंचे राज बब्बर, सरकार पर साधा निशाना
Gurugram News In Hindi: हरियाणा में फायर कर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर हैं. गुरुग्राम में राज बब्बर ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है, जिससे इस आंदोलन ने अब सियासी रंग ले लिया है.

हरियाणा में फायर कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सरकार के मंत्रियों और फायर विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता बेनतीजा निकलने के बाद गुरुग्राम में फायर कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. इस धरने ने अब सियासी रंग भी लेना शुरू कर दिया है. फायर कर्मियों की मांगों का समर्थन करने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राज बब्बर अपने समर्थकों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा.
फरीदाबाद अग्निकांड के बाद उठा मुआवजे का मुद्दा
दरअसल, बीते दिनों फरीदाबाद में आग बुझाने के दौरान दो फायर कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई. फायर विभाग के जिला प्रधान साउन खान ने बताया कि इन्हीं शहीद फायर कर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर पूरे हरियाणा के फायर कर्मी लामबंद हैं. उनका कहना है कि सरकार से कई बार इस विषय पर बातचीत हुई, लेकिन सरकार उनकी बात मानने को तैयार नहीं है. मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा है.
राज बब्बर ने सरकार पर साधा निशाना
गुरुग्राम में धरनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेता और फिल्म अभिनेता राज बब्बर ने फायर कर्मियों की समस्याएं विस्तार से सुनीं और उनकी आवाज मंत्रियों तक पहुंचाने का वादा किया. उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, "फायर कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर आग में कूदते हैं और लोगों की जान बचाते हैं, लेकिन सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है. सरकार को सबसे पहले सभी फायर कर्मियों का मेडिकल इंश्योरेंस करवाना चाहिए." उन्होंने शहीद फायर कर्मियों के परिजनों को उचित मुआवजा और नौकरी देने की मांग का भी पुरजोर समर्थन किया.
धरने पर शुरू हुई सियासत
फायर कर्मियों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में कांग्रेस की एंट्री के साथ ही अब सियासी दौर शुरू हो गया है. आज राज बब्बर धरनास्थल पर पहुंचे हैं, आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने की भी उम्मीद है. फिलहाल फायर कर्मी अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार झुकने को तैयार नहीं दिख रही है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस गतिरोध में ऊंट किस करवट बैठता है.
Source: IOCL


























