फरीदाबाद: सूरजकुंड हादसे में बड़ा एक्शन, गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज, SIT का गठन
Faridabad News: सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से हुए हादसे में फरीदाबाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर SIT जांच शुरू की है. हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हुई, जबकि 12 लोग घायल हैं.

हरियाणा के फरीदाबाद में सूरजकुंड मेले के दौरान झूला टूटने से हुए हादसे में पुलिस ने 105 BNS यानी गैर इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज किया है. यह केस हिमाचल फन केयर के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर के खिलाफ दर्ज किया गया है. हादसा 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव के दौरान रविवार शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट पर हुआ, जब झूले पर 26 लोग सवार थे और अचानक झूला टूट गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में बचाव कार्य के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि कुल 12 लोग घायल हुए हैं.
जांच की दिशा और SIT का गठन
इस गंभीर मामले की जांच के लिए फरीदाबाद पुलिस ने विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है. फरीदाबाद क्राइम ब्रांच के एसीपी वरुण दहिया को SIT का प्रमुख बनाया गया है. SIT में कुल तीन अधिकारी शामिल हैं, जो हादसे से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि झूला टूटने की वजह तकनीकी खामी थी या लापरवाही. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि झूले की फिटनेस, रखरखाव और संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं.
मेले की व्यवस्था और टेंडर पर सवाल
इस मामले में मेले में पिछले 6 से 7 साल से स्टॉल लगाने वाले अनीश वशिष्ठ ने मेला अथॉरिटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अनीश का कहना है कि इस हादसे की असली जिम्मेदारी मेला अथॉरिटी की है. उन्होंने बताया कि हर बार झूलों के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला जाता है, जिसमें अलग-अलग तरह के झूले लगाने का ठेका दिया जाता है. इतनी बड़ी रकम देने के बाद झूला संचालक अधिक से अधिक कमाई के दबाव में सुरक्षा से समझौता कर लेते हैं. सर्टिफिकेशन को लेकर पूछे गए सवाल पर अनीश ने कहा कि पैसे देकर सब कुछ हो जाता है, जिससे सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं.
प्रशासन का बयान और मेले की स्थिति
जिला प्रशासन फरीदाबाद और मेला अथॉरिटी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा. हालांकि, हाल ही में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए एहतियातन झूला क्षेत्र को आगामी जांच पूरी होने तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. प्रशासन ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा मानकों की पूरी समीक्षा की जाएगी.

























