सोनीपत के वृद्धाश्रम में रहने वाले कपड़ा व्यापारी शिवचरण राम रतन गुप्ता की मौत के बाद आज (12 अगस्त) हरिद्वार में उनकी अस्थियों का विसर्जन किया गया. शिवचरण गुप्ता की तीन बेटियां हैं, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद अब अस्थि विसर्जन में भी कोई बेटी हरिद्वार नहीं पहुंची. शिवचरण गुप्ता के बड़े भाई महेंद्र गुप्ता सोशल मीडिया के जरिए भाई की मौत की जानकारी मिलने के बाद हरिद्वार पहुंचे. महेंद्र गुप्ता ने बताया कि वह सात भाई-बहनों में बड़े हैं और पिछले करीब 10 साल से शिवचरण और उसके परिवार से उनका कोई संपर्क नहीं था.

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उन्होंने बताया कि नेपाल में आए भूकंप के दौरान उन्हें लगा था कि शायद शिवचरण की मौत हो गई है और तभी से उन्होंने भाई को मृत मान लिया था. जब सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शिवचरण की मौत की सच्चाई पता चली तो वह हरिद्वार पहुंचे और अस्थि विसर्जन की अंतिम रस्में निभाईं. इस दौरान सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग भी उनके साथ मौजूद रहे.

'आप मेरे पिता का छोटा भाई समझकर पूरी रस्में निभा देना'

वहीं, वृद्धाश्रम प्रबंधन ने शिवचरण की बड़ी बेटी से दोबारा बातचीत की. बेटी ने कहा कि अस्थियों का अच्छे से विसर्जन कर दिया जाए. उसने वृद्धाश्रम प्रबंधन से कहा कि आप मेरे पिता को छोटा भाई समझकर पूरी रस्में निभा देना. बेटी ने यह भी कहा कि अगर उसकी तबीयत ठीक होती तो वह खुद हरिद्वार जरूर आती. बड़ी बेटी ने कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बहुत शर्मिंदा हैं और वो अपने पिता से बहुत प्यार करती थीं, लेकिन उनकी कुछ मजबूरियां रही होंगी.  

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मृतक के बड़े भाई ने बेटियों की मजबूरी समझने की कही बात

बेटी के मुताबिक, उनके पिता उनके पास रहने के लिए तैयार नहीं थे. बेटियों ने अंतिम रस्मों की जिम्मेदारी वृद्धाश्रम प्रबंधन आनंद कुमार को सौंप दी है और उनसे कहा कि अस्थि विसर्जन के बाद हवन और कन्याओं को भोजन करवाने दें. वहीं बेटियां अपने घर पर तेरहवीं की रस्म करवाएंगी. इस पूरे मामले में शिवचरण गुप्ता के बड़े भाई महेंद्र गुप्ता ने भी बेटियों की मजबूरी को समझने की बात कही.

उन्होंने कहा कि बेटियों की भी कोई मजबूरी रही होगी. बेटियों के नहीं पहुंचने के बीच बड़े भाई और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने अंतिम रस्में निभाईं. अंतिम संस्कार के बाद अब अस्थि विसर्जन की जिम्मेदारी भी संस्था और समाजसेवियों ने ही निभाई. इस पूरे मामले ने एक बार फिर परिवार के रिश्तों और बुजुर्गों के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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