Karnal News: करनाल पहुंची बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा, क्रॉस वोटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
Congress Sadbhavana Yatra: कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की 'सद्भावना यात्रा' करनाल पहुंची, जहां वकीलों से उन्होंने विचार साझा किए. उन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

हरियाणा में कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की 'सद्भावना यात्रा' करनाल पहुंच गई है. शहर में कई जगहों पर यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया. इस दौरान बृजेंद्र सिंह ने जिला बार एसोसिएशन पहुंचकर वकीलों के बीच अपने विचार रखे. इस अहम कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह, पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा और पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी भी विशेष रूप से शामिल हुए. इस दौरान बृजेंद्र सिंह ने राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर पार्टी आलाकमान से सख्त कार्रवाई की मांग कर सियासी हलचल तेज कर दी है.
क्रॉस वोटिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़ में कांग्रेस की अनुशासन समिति की होने वाली अहम बैठक के संदर्भ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बृजेंद्र सिंह ने क्रॉस वोटिंग पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "राज्यसभा चुनाव में जिन्होंने भी क्रॉस वोटिंग की है, उन्होंने हमारे प्रभारी और सीएलपी (CLP) लीडर को दिखाकर वोट डाले हैं. इसे उनका आखिरी शब्द माना जाना चाहिए और उन पर सख्त कार्रवाई होना बेहद जरूरी है."
उन्होंने पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसे मामलों में ढील छोड़ी गई, तो इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. उन्होंने कहा, "दो साल बाद फिर राज्यसभा चुनाव आएंगे. आज 5 वोट क्रॉस हुए हैं, अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कल को 10 वोट क्रॉस होंगे."
'80% हरियाणा कवर कर चुकी है यात्रा'
अपनी 'सद्भावना यात्रा' की सफलता पर बात करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि पहले दिन से लेकर आज तक इस यात्रा को जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अपार जनसमर्थन मिला है. यही इस यात्रा की असली मजबूती है.
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से वे अब तक हरियाणा का करीब 80% हिस्सा कवर कर चुके हैं और करनाल की यह 71वीं विधानसभा है जहां यात्रा पहुंची है. उनका कहना था कि जनता के जुड़ाव और प्रोत्साहन के बिना इतनी लंबी यात्रा करना संभव नहीं था.
स्थानीय अध्यक्षों की गैरमौजूदगी पर बेबाक जवाब
यात्रा के दौरान शाम 4 बजे तक कांग्रेस के जिला प्रधान और ग्रामीण प्रधान के शामिल न होने पर पूछे गए सवाल का बृजेंद्र सिंह ने बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने कहा, "मुझे किसी का मन पढ़ने में कोई रुचि नहीं है. मैंने फोन पर दोनों को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया था और उन्होंने आने का आश्वासन भी दिया था. हो सकता है कि उनमें से एक के बेटे की कन्वोकेशन (दीक्षांत समारोह) हो, जिस वजह से वे न आ पाए हों."
गुटबाजी की बातों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआत में यह देखा जाता था कि यात्रा में कौन आया और कौन नहीं, जिससे एक निराशा का माहौल बनाने की कोशिश होती थी. लेकिन अब यह यात्रा इन बहसों से काफी आगे निकल चुकी है.
आगे क्या?
फिलहाल चंडीगढ़ में अनुशासन समिति की बैठक और क्रॉस वोटिंग पर संभावित एक्शन पर सबकी निगाहें टिकी हैं. वहीं, यह देखना भी दिलचस्प होगा कि बृजेंद्र सिंह की यह 'सद्भावना यात्रा' आने वाले समय में कांग्रेस को चुनावी और संगठनात्मक रूप से कितना फायदा पहुंचाती है.
Source: IOCL



























