Gujarat News: 3000 छात्रों की मौत के बाद जागी गुजरात सरकार! मेंटल हेल्थ को लेकर गाइडलाइंस जारी
Gujarat News: गुजरात सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार, अब हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 100 छात्रों पर कम से कम 1 योग्य काउंसलर रखना अनिवार्य होगा. नई गाइडलाइन्स के बारे में जानिए.

Gujarat News: गुजरात में शिक्षा जगत के लिए चिंताजनक खबरें सामने आ रही थीं, जिसमें छात्रों के आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. सरकार ने अब राज्य के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और निजी कोचिंग सेंटरों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. जिसके तहत प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में 'मानसिक स्वास्थ्य नीति' लागू करना अब अनिवार्य हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 3002 छात्रों ने आत्महत्या की थी.
100 छात्रों पर एक परामर्शदाता का नियम
नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय में हर 100 छात्रों पर कम से कम 1 योग्य परामर्शदाता रखना अनिवार्य होगा. जिन संस्थानों में छात्रों की संख्या 100 से कम है, उन्हें बाहरी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ रेफरल व्यवस्था की व्यवस्था करनी होगी. विशेष रूप से परीक्षा के समय या अध्ययन के बोझ के दौरान छात्रों को गोपनीय और उचित मार्गदर्शन मिले, यह सुनिश्चित करना होगा.
कोचिंग क्लास की मनमानी पर ब्रेक
निजी कोचिंग संस्थानों में छात्रों के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा अक्सर जानलेवा साबित होती है. सरकार ने आदेश दिया है कि अब कोचिंग क्लास प्रदर्शन या अंकों के आधार पर छात्रों के साथ भेदभाव नहीं कर पाएंगे. छात्रों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने या उन पर अवास्तविक अपेक्षाओं का दबाव डालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.
हेल्पलाइन नंबर और स्टाफ ट्रेनिंग
आत्महत्या निवारण के लिए संस्थानों को तत्काल रेफरल प्रोटोकॉल तैयार करना होगा. कॉलेज परिसर, क्लासरूम, हॉस्टल और वेबसाइट पर मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर और नजदीकी अस्पताल का विवरण बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करना होगा. इसके अलावा, शिक्षकों और कर्मचारियों को साल में कम से कम 2 बार मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिक उपचार और चेतावनी संकेतों को पहचानने के बारे में प्रशिक्षण देना होगा.
सुरक्षा और समावेशी वातावरण
सरकार ने SC, ST, OBC, EWS और LGBTQ+ समुदाय के छात्रों के लिए भेदभाव मुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया है. रैगिंग और उत्पीड़न के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे. हॉस्टलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए छेड़छाड़ न हो सकने वाले पंखे और बालकनी में ग्रिल लगाने जैसे भौतिक परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
3002 छात्रों ने की थी आत्महत्या
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. गुजरात में वर्ष 2017 से 2021 के दौरान कुल 3,002 छात्रों ने आत्महत्या की है. जिसका मतलब है कि राज्य में हर दिन औसतन 1 से 2 छात्र जीवन समाप्त कर लेते हैं. अप्रैल 2020 से मार्च 2023 के बीच 495 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जिनमें 246 छात्राएं थीं. ये आंकड़े शिक्षा व्यवस्था और अभिभावकों के लिए खतरे की घंटी के समान हैं.
Source: IOCL


























