Gujarat News: गुजरात के राजकोट में सायरन लगी सरकारी गाड़ी में महापौर की महाकुंभ यात्रा को लेकर विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब सौराष्ट्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उत्पल जोशी की सरकारी गाड़ी में सायरन लगाने का मामला सामने आया है. इस मामले में डॉ. उत्पल जोशी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही आरटीओ अधिकारी ने इस मामले में कुलपति को नेटिस भेजा है.

दरअसल, सायरन आपातकालीन स्थिति को छोड़कर और किसी नामित अधिकारी द्वारा नहीं लगाए जा सकते, इसलिए आरटीओ ने कुलपति को नोटिस जारी किया है. इसके बाद कुलपति ने सायरन हटाने बजाय तर्क दिया कि अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति भी सायरन लगी गाड़ियों का उपयोग करते हैं. 

मेयर की गाड़ी को लेकर भी हुआ बवाल बता दें इससे पहले राजकोट की मेयर नयनाबेन पेढडिया द्वारा महाकुंभ में भाग लेने के लिए अपने सरकारी वाहन से प्रयागराज की यात्रा की तस्वीरें वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. हालांकि, बीजेपी शासित राजकोट नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने वाहन के इस्तेमाल के लिए आवश्यक अनुमति ली थी.

पेढड़िया पिछले हफ्ते अपने पति और कुछ बीजेपी नेताओं और पार्षदों के साथ महाकुंभ में गयी थीं. प्रयागराज में पवित्र स्नान के बाद मेयर के सरकारी वाहन का इस्तेमाल गीले कपड़े टांगने के लिए किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए थे. जिसके बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा.

बता दें केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 का नियम 119(3) में तहत इन वाहनों को हूटर और साइरन के लिए छूट दी गई है. जिसमें एंबुलेंस, फायर बिग्रेड, आपातकालीन सेवा में चलने वाली गाड़ी और परिवहन विभाग के अफसरों की गाड़िया शामिल हैं.

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