Gujarat: आदिवासी कार्यकर्ता और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के उपाध्यक्ष राजेश वसावा बुधवार को गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अहमदाबाद में कांग्रेस में शामिल हो गए. भरूच के मूल निवासी 39 वर्षीय राजेश वसावा ने 2019 का लोकसभा चुनाव बीटीपी के टिकट पर छोटा उदेपुर निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा था.
आदिवासी कल्याण के लिए कई आंदोलनों का हिस्सा रहे
यूनाइटेड कॉलेज ऑफ लंदन के पूर्व छात्र, वसावा 2017 में बीटीपी की स्थापना के बाद से राज्य में आदिवासी कल्याण के लिए कई आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं. वसावा एआईसीसी गुजरात प्रभारी रघु शर्मा, गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, विपक्ष के नेता सुखराम राठवा और गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए.
बुधवार को अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखराम राठवा ने राजेश वसावा का पार्टी में स्वागत किया. साथ ही राठवा ने कहा कि आज राजेश वसावा गुजरात के हाशिए पर रहने वाले और आदिवासी लोगों के कल्याण का काम करने के लिए और अपनी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए. उन्होंने आदिवासियों के हितों के खिलाफ काम कर रही भारतीय जनता पार्टी की विभाजनकारी रणनीति पर ध्यान न देकर अपनी योग्यता साबित की है.
'बीजेपी आदिवासी लोगों को मवेशी मानती है'
उन्होंने कहा, हम आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए मिलकर काम करेंगे.अपने फैसले के पीछे के कारणों के बारे में बताते हुए, वसावा ने कहा कि बीजेपी गुजरात में पिछले 25 वर्षों से सत्ता में है और वे आदिवासी लोगों को मवेशी (घेटा-बकरी) मानते हैं. वे आदिवासी इलाकों में नए प्रोजेक्ट ला रहे हैं और अपने 'जल, जंगल और जमीन' को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.