Ahmedabad Air India Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार (12 जून) को एअर इंडिया विमान हादसे में कुल मिलाकर 265 जिंदगियां खत्म हो गईं. विमान में सवार कुल 241 यात्रियों की मौत हो गई. एक शख्स चमत्कारिक रूप से इस हादसे में बच गया. जिनका नाम विश्वाश कुमार रमेश है. हादसे का शिकार हुए ड्रीमलाइनर प्लेन में इकॉनोमी क्लास की 238 सीट में से सिर्फ 11ए ऐसी सीट रही, जिसपर बैठे शख्स की जान बच गई थी. 

दुर्घटना में जिंदा बचे ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश बड़े ही किस्मत वाले थे. विमान के आग का गोला बनने और फिर इससे किसी का बच निकलना, इसे पूरी तरह से चमत्कार ही माना जा रहा है.

विमान हादसे में क्या हुआ दूसरा चमत्कार?

इस बीच एक दूसरा चमत्कार भी हुआ है. हिंदुओं के पवित्र धार्मिक ग्रंथ श्रीमद् भगवद गीता को आग टच भी नहीं कर पाई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के बाद राहत और बचाव की टीम मलबे को हटाने का काम कर ही थी, तो उनकी नजर एक किताब पर भी गई. जिसके पन्ने आग की लपटों और धुएं के बीच भी सुरक्षित थे. 

श्रीमद् भगवद गीता की किताब रही सुरक्षित

विमान हादसे के बाद जो गीता की किताब मिली, उसके पन्ने पूरी तरह से सलामत हैं. कोई भी शख्स इसे अभी भी आसानी से पढ़ सकता है. स्थानीय लोग इस भयानक और दर्दनाक हादसे के बीच भगवद गीता की किताब का सही सलामत रहने को आस्था से जोड़ रहे हैं. लोगों का मानना है कि ये महज संयोग नहीं हो सकता है.

एअर इंडिया के विमान में सवार 242 लोगों में से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली  और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे. एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के मुताबिक विमान ने रनवे 23 से 13:39 बजे अहमदाबाद से उड़ान भरी थी और उसके महज 5 मिनट बाद ही ये मेघानी नगर के एक रिहायशी इलाके में BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की बिल्डिंग से टकरा गया और फिर चारों तरफ हाहाकार मच गया.