सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया. यह मामला बीते 5 साल 11 महीने और 8 दिनों से चल रहा है. सबसे पहले शरजील इमाम को विवादित बयान देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. शरजील की गिरफ्तारी 28 जनवरी को हुई थी. बाद में उसे दिल्ली दंगों में भी आरोपी बनाया गया. जनवरी में शरजील की गिरफ्तारी के सात महीने 17 दिन बाद उमर खालिद को भी अरेस्ट किया गया. आइए आपको बताते हैं कि उमर खालिद और शरजील का मामला कब से और कैसे शुरू हुआ.

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28 जनवरी 2020: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दिए गए भाषणों के लिए शरजील इमाम को गिरफ्तार किया गया.

23 फरवरी, 2020: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के जिनमें 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हो गए.

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अगस्त 2020: दिल्ली दंगों में बड़ी साजिश रचने के मामले में इमाम को गिरफ्तार किया गया.

14 सितंबर 2020: बड़ी साजिश रचने के मामले में खालिद को गिरफ्तार किया गया. अन्य आरोपियों को भी इसी वर्ष गिरफ्तार किया गया.

16 सितंबर, 2020: 15 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया.

22 नवंबर, 2020: पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया.

24 फरवरी, 2021: दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया.

दो मार्च, 2022: तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया.

सात जून, 2023: अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया गया.

साल 2022: अधीनस्थ अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कीं.

साल 2022-24: कई आरोपी जमानत खारिज करने के अधीनस्थ अदालतों के आदेशों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे.

नौ जुलाई 2025: हाईकोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रखा.

दो सितंबर, 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने खालिद, इमाम और अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कीं.

10 दिसंबर, 2025: सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा.

16-29 दिसंबर: दिल्ली की अदालत ने उमर खालिद को उसकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी.

पांच जनवरी, 2026: सुप्रीम कोर्ट ने खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार किया. गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और अन्य को जमानत दी.