बीजेपी के पूर्व निगम पार्षद ठाकुर अवधेश सिंह ने उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला कार्यालय यमुना विहार में मंगलवार (4 मार्च) को फांसी लगाकर जान दे दी. अवधेश सिंह ने ही सुबह आफिस खोला था. करीब 12 बजे एक शख्स कार्यालय पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था. जब शख्स ने जाली से झांककर देखा तो पंखे से लटककर अवधेश सिंह ने खुदकुशी कर ली थी. कोई सुसाइड नोट फिलहाल बरामद नहीं हुआ है. शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि बीजेपी नेता डिप्रेशन में चल रहे थे.

बेटे ने क्या कहा?

परिवार के मुताबिक, अवधेश सिंह सुबह 7 बजे घर से यमुना विहार स्थित कार्यालय के लिए निकले थे जहां उन्होंने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली. अवधेश सिंह के बेटे ने बताया कि उन्होंने इतने बड़े कदम के पीछे की वजह की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ परेशान और डिसप्वाइंट जरूर चल रहे थे. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

कार्यकर्त्ता के दुख-दर्द नज़रअंदाज- जगदीश ममगई

एमसीडी में वर्कर्स कमेटी के पूर्व चेयरमैन जगदीश ममगई ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली नगर निगम में मेरे साथी  बीजेपी पार्षद रहे मित्र अवधेश सिंह के फांसी लगाकर शरीर त्यागने की घटना स्तब्ध करने वाली है. उनका ऊर्जावान हंसता-मुस्कराता चेहरा याद आएगा. जीत-हार, जिंदाबाद-मुर्दाबाद के शोर में राजनीतिक कार्यकर्त्ता के जीवन में चल रही परेशानी, उसका दुख-दर्द नज़रअंदाज हो रहा है."

जगदीश ममगई ने नेताओं से की ये अपील

उन्होंने आगे लिखा, "शायद इसीलिए कार्यकर्त्ता ऐसा अतिवादी कदम उठा लेता है. नेताओं से तो अब कार्यकर्त्ता से संवाद, कुशल-क्षेम की उम्मीद नहीं रही पर कार्यकर्त्ताओं को यह निरंतर करते रहना चाहिए ताकि कोई और कार्यकर्त्ता ऐसा अतिवादी कदम न उठाए. मित्र अवधेश सिंह आप जैसे संघर्षशील, ऊर्जावान कार्यकर्त्ता से यह अपेक्षित नहीं, आपको अंतिम प्रणाम, ओम् शांति."

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