स्वतंत्र भारद्वाज को बेल मिलेगी या नहीं? कोर्ट से आया बड़ा अपडेट
जंतर-मंतर पर मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. अदालत ने पुलिस से पूछा कि क्या घटना के समय भारद्वाज ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था?

पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट मंगलवार (15 सितंबर) को अपना आदेश सुनाएगा. जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी हुई थी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या घटना के समय स्वतंत्रत भारद्वाज ने जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल किया था? इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब पहली बार शिकायत दर्ज कराई गई थी तब जाति सूचक शब्द की बात नहीं कही गई थी, बाद में दोबारा जब बयान दर्ज कराया गया तो जाति सूचक शब्द की बात कही गई थी, इसलिए SC/ST एक्ट लगाया है.
बुलंदशहर से 4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज की हुई थी गिरफ्तारी
स्वतंत्र भारद्वाज फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल मे बंद है. जंतर मंतर पर हुई मारपीट की घटना को लेकर दर्ज FIR में पुलिस ने SC/ST एक्ट भी जोड़ दिया है.
स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था.
भारद्वाज के वकील ने की थी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाली एक छात्रा के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था. स्वतंत्र भारद्वाज ने पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. भारद्वाज के वकील ने पहले पटियाला हाउस कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था.
शिकायत के आधार पर पहले पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे हिरासत में लिया था. जमानत याचिका में आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसके मुवक्किल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है और वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है.
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