स्वतंत्र भारद्वाज का यू-टर्न, अब बताया क्यों लिया था कपिल मिश्रा और चिराग पासवान का नाम?
CJP प्रोटेस्ट को लेकर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उसने धारा-370 की बात कही थी, लेकिन यह कहा था कि वह भगवान की कृपा से बच गया और धारा-370 नहीं लगी. क्योंकि सही लोगों का साथ भगवान भी देता है.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट में छात्रा निशु आजाद के पिता पर हमला करने की बात स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में कबूली थी. उसने यह भी कहा था कि हमला करने के बाद भी वह पूरी रात सड़क पर घूमता रहा, गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि उसने बीजेपी के मंत्री कपिल मिश्रा का नाम ले लिया था. वहीं, स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा था कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और पीएम नरेंद्र मोदी उसके बड़े भाई हैं. यह बयान वायरल होने के बाद अब सौरभ भारद्वाज पलट गया है और सफाई पेश की है.
अब नए वीडियो में भारद्वाज का कहना है कि उसने कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और पीएम मोदी को अपना बड़ा भाई बताया था, लेकिन इस तरह से नहीं कि वह जेल से छुड़वा देंगे. उसके वीडियो को गलत तरीके से काट कर चलाया जा रहा है. स्वतंत्र ने कहा, "पीएम मोदी OBC समाज से आते हैं, चिराग पासवान दलित समाज से आते हैं और कपिल मिश्रा जनरल कैटेगरी से आते हैं. आरक्षण मुद्दे के बीच हम यह दिखाना चाह रहे थे कि हम तीनों व्यक्तियों तो और सबको भाई मानते हैं."
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'धारा 307 नहीं लगी, यह भगवान की कृपा है'
वहीं, 'दि कैजुअल टॉक' पॉडकास्ट में सौरभ भारद्वाज यह भी कहता दिख रहा था कि जिस हिसाब से उसने छात्रा के पिता पर हमला किया था, उसपर हाफ मर्डर की धारा-307 लगती लेकिन लगी नहीं क्योंकि कपिल मिश्रा उसके बड़े भाई हैं. अब सफाई पेश करते हुए भारद्वाज ने कहा कि उसका स्टेटमेंट बदल दिया गया है. उसने असल में यह कहा था कि उसके ऊपर धारा 307 लग सकती थी, लेकिन उसपर बालाजी हनुमान की कृपा है. भगवान भी जानते हैं वह गलत नहीं है, इसलिए FIR से बच गया. अगर वह सेल्फ डिफेंस में हाथ नहीं उठाता, तो भीड़ उसे मार देती.
'बॉस्टन से मिलती हैं धमकियां'
स्वतंत्र भारद्वाज का कहना है कि उसे सेल्फ डिफेंस का सहारा इसलिए लेना पड़ा था क्योंकि कई सारे मुसलमान उसे मारने आ गए थे. उसे विदेशों से भी जान से मारने की धमकी मिलती है. बॉस्टन से भी ऐसी धमकियां आ चुकी हैं. अभिजीत दीपके खुद बोल रहा था कि वह बॉस्टन से पासआउट है. बॉस्टन के एक नंबर से उसके माता-पिता और बहन की फोटो डालकर कहा गया कि मुझे पता है तुम दिल्ली में रहते हो. अपने बचाव के लिए जो उससे हो पाया उसने किया. गलती से उसके हाथ का कड़ा निशु के पिता को लग गया था और उनके सिर में चोट आ गई थी.
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