दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में दिनदहाड़े महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने कर लिया है. इस ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने साजिशकर्ता समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है. गिरफ्तार आरोपियों में एक 20 हजार का इनामी और पहले से घोषित बदमाश भी शामिल है.
स्पेशल स्टाफ की बड़ी कामयाबी
पुलिस अधिकारी के अनुसार उत्तर-पश्चिम जिला की स्पेशल स्टाफ और ऑपरेशन सेल की टीम ने इस जघन्य हत्याकांड में निखिल, सुमित और भरत यादव को गिरफ्तार किया है. भरत यादव वही आरोपी है, जिसे पहले बिजेंद्र यादव की हत्या के मामले में अपराधी घोषित किया जा चुका था और जिस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था.
दिनदहाड़े पार्क में मारी गई थी गोली
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर रविन्द यादव के मुताबिक, 10 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे थाना शालीमार बाग को पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि ईस्ट शालीमार बाग के बीसी ब्लॉक, गेट नंबर-4 के पास एक महिला को गोली मार दी गई है. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पार्क में एक महिला का शव औंधे मुंह पड़ा पाया, जिसके माथे पर गोली का स्पष्ट निशान था और सिर से काफी खून बह रहा था.
मृतका की पहचान शालीमार बाग की रहने वाली रचना यादव, पत्नी स्वर्गीय बिजेंद्र यादव, उम्र लगभग 44 वर्ष के रूप में हुई. क्राइम टीम और एफएसएल ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए. घटनास्थल से एक खाली कारतूस और गोली का टुकड़ा भी बरामद किया गया.
संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
जांच के दौरान सामने आया कि मृतका के पति बिजेंद्र यादव और आरोपी भरत यादव के बीच स्वरूप नगर से बुराड़ी मार्ग पर स्थित 250 वर्ग गज के एक प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था.
तीन टीमों ने संभाली जांच की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया.
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला कातिलों का सुराग
सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए. कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डंप डाटा और आईपीडीआर के विश्लेषण से पुलिस को अहम सुराग मिले. इसके बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में कई जगहों पर छापेमारी की गई.
पुलिस के मुताबिक आरोपी बेहद शातिर थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे. आपसी संपर्क के लिए वे जैंगी ऐप का इस्तेमाल करते थे और बार-बार मोबाइल नंबर बदलते रहते थे, जिससे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी मुश्किल हो गई थी.
बिहार के जंगल से दबोचे गए आरोपी
लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और आखिरकार तकनीकी इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस टीम बिहार के कटिहार पहुंची, जहां एक वन क्षेत्र में बनी झोपड़ी से निखिल और भरत यादव को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद साजिश में शामिल सुमित को हरियाणा के पानीपत जिले के उसके गांव से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल यामाहा एफजेड मोटरसाइकिल, जो सुभाष प्लेस से चोरी की गई थी, और एक ग्रैंड आई-10 कार भी बरामद की है.
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि भरत यादव को डर था कि अदालत में रचना यादव की गवाही से उसे सजा हो सकती है. इसी डर से उसने निखिल के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची. निखिल ने अपने साथी सुमित को योजना में शामिल किया और तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया. इस मामले में आगे की जांच जारी है.