भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया है. उनपर दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर की हेराफेरी में शामिल होने के आरोप लगे हैं. यह केस दो साल पुराना बताया जा रहा है. हिरासत में लिए जाने के बाद सत्येंद्र जैन की पहली प्रतिक्रिया आई है. उनका कहना है कि यह सब एक राजनीतिक मामला है और कुछ नहीं.

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जानकारी के लिए बता दें कि सत्येंद्र जैन समेत बाकी आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया है. एन हरिहरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सत्येंद्र जैन के लिए अपीयर हुए हैं. ACB ने जैन और 4 आरोपियों के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी की मांग की है. एक आरोपी अंकित के लिए पुलिस कस्टडी की मांग की है. 

'बिना रीजन बताए किया गिरफ्तार'- सत्येंद्र जैन के वकील

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सत्येंद्र जैन के वकील का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी कानून के खिलाफ हुई है. ACB ने आरोपियों को कोई ग्राउंड ऑफ अरेस्ट नहीं बताया है. ED ने इसी मामले में चार्जशीट दाखिल की लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. ACB ने भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया और गिरफ्तार कर लिया. 

इससे पहले एसीबी ने उन्हें 3 अगस्त को भी पूछताछ के लिए बुलाया था और घर जाने दिया था. 18 अगस्त को मैं दोबारा पूछताछ के लिए आया. मुझे 41A के तहत जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए बुलाया क्योंकि मुझे गिरफ्तार नहीं किया जाना था.

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बीजेपी का आरोप

दूसरी ओर, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया है कि आप सरकार के कार्यकाल में दिल्ली में एक भी जलमल शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित नहीं किया गया और दिल्ली जल बोर्ड के निविदा प्रक्रिया से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी इसका सबूत है. 

एसीबी ने एसटीपी प्रोजेक्ट की निविदा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली की पूर्ववर्ती 'आप' सरकार में मंत्री रहे जैन और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) उदित प्रकाश राय को गिरफ्तार किया है.

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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा. आप नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करना राजनीतिक बदले की कार्रवाई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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