सत्य निकेतन हादसे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 2 करोड़ मुआवजे की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि हॉस्टल की कमी के कारण दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले छात्र निजी PG में रहने को मजबूर हैं. दिल्ली में अकेले रहकर पढ़ाई करना पहले ही चुनौतीपूर्ण है.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सत्य निकेतन में PG छात्रावास की इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 2-2 करोड़ रुपये और घायल छात्रों के लिए 50-50 लाख रुपये के तत्काल वित्तीय मुआवजे की मांग की है.
उन्होंने बीजेपी की रेखा गुप्ता सरकार से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की अपील करते हुए कहा कि हादसे में घायल छात्रों को पूरी तरह स्वस्थ होने और दोबारा पढ़ाई शुरू करने में कई महीने लग सकते हैं.
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हादसे में पांच छात्रों समेत कुल 7 की मौत
देवेंद्र यादव ने बताया कि, हादसे में मृत पांच छात्रों की पहचान अभिषेक, युवराज सोनी, पवन, अर्पित जाज और अक्षत सिंह यादव के रूप में हुई है. उनके अलावा मरने वालों में एक मजदूर और इलाके का एक बुजुर्ग निवासी भी शामिल है. कांग्रेस ने इन दोनों मृतकों के परिवारों के लिए भी 2-2 करोड़ रुपये की आर्थिक राहत देने की मांग की है.
देवेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी आर्थिक सहायता से उन माता-पिता के दर्द और नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, जिन्होंने अपने बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा दिलाने के लिए काफी खर्च कर दिल्ली भेजा था. उनके मुताबिक, इन परिवारों ने उम्मीद की थी कि उनके बच्चे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, कंपनियों के प्रशासक या CEO बनकर देश के विकास में योगदान देंगे, लेकिन एक इमारत के ढहने से उनके सपने और परिवारों की उम्मीदें एक झटके में खत्म हो गईं.
भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप, सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों और अधिकारियों के लालच तथा भ्रष्टाचार की वजह से एक इमारत की त्रासदी ने युवाओं की जान ले ली. उन्होंने बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की कथित नाकामी का खामियाजा छात्रों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ा है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की कमी, निजी PG पर निर्भर छात्र
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले बड़ी संख्या में छात्र सामान्य परिवारों से आते हैं. उनके माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए आर्थिक और व्यक्तिगत स्तर पर कई तरह के त्याग करते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाले छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और सुरक्षित तरीके से रहने के लिए हॉस्टल की जरूरत होती है, लेकिन विश्वविद्यालय में पर्याप्त हॉस्टल सीटें उपलब्ध नहीं हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि हॉस्टल की कमी के कारण दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले छात्र निजी PG में रहने को मजबूर हैं. उनके मुताबिक, दिल्ली की बीजेपी सरकार ने छात्रों के लिए सुरक्षित PG आवास सुनिश्चित करने की दिशा में पहले कोई ठोस प्रयास नहीं किया और अब दो-तीन महीने में PG के लिए विशेष नीति लाने की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अकेले रहकर पढ़ाई करना पहले ही चुनौतीपूर्ण है और छात्रों के लिए हॉस्टल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है.
देवेंद्र यादव ने दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार दोनों पर छात्रावास सुविधाओं को पर्याप्त महत्व नहीं देने का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अलग-अलग मौकों पर बड़ी बातें और बड़े वादे करने से चूकती नहीं हैं लेकिन कभी भी उन वादों को पूरा नहीं करती हैं.
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