महिला आरक्षण बिल पर घमासान, संजय सिंह बोले- 'उत्तर-दक्षिण विवाद भड़काने की कोशिश में सरकार'
Delhi News In Hindi: आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार पर उत्तर-दक्षिण विवाद भड़काने का आरोप लगाया. इसके अलावा विपक्ष ने बिल गिराकर इसे साजिश बताया.

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है. एबीपी न्यूज से बातचीत में संजय सिंह ने ये आरोप लगाया कि सरकार टुकड़े-टुकड़े गैंग की तरह काम कर रही थी और जानबूझकर उत्तर और दक्षिण के बीच झगड़ा खड़ा करने की कोशिश में लगी हुई थी.
संजय सिंह ने एबीपी न्यूज से कहा कि मोदी सरकार देश को तोड़ने की कोशिश कर रही थी. यह नॉर्थ-साउथ का झगड़ा करना चाह रही थी. वो झगड़ा इस बिल को गिराने से रुक गया है. खास तौर पर तमिलनाडु में उड़ीसा की सीटें कम हो रही थीं, बंगाल की सीटें कम हो रही थीं तो जो असंतोष पैदा हो रहा था. लोगों के मन में उसको संसद के विपक्ष के सदस्यों ने इस टुकड़े-टुकड़े गैंग की कोशिश को हरा कर एक बल देने का काम किया है.
देश को हमेशा तोड़ने की कोशिश की गई- संजय सिंह
संजय सिंह ने आगे कहा कि देश को तोड़ने की कोशिश, सीटों को कम करने की कोशिश, दक्षिण और उत्तर का झगड़ा कराने की कोशिश मोदी की थी. उसको नाकाम करने का काम इस बिल को गिरा कर विपक्ष ने किया है. बीजेपी के द्वारा विपक्ष को महिला विरोधी बताए जाने पर संजय सिंह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कैसे महिला विरोधी? ये महिला आरक्षण बिल था ही नहीं. आप बताइए कि जो 2023 में बिल पास किया था मोदी जी ने उस बिल में मोदी जी ने लिखा था पहले जनगणना होगी, फिर डेलिमिटेशन होगा और 2029 के बाद ये बिल लागू होगा. तब हम लोगों ने कहा था कि 543 में 33% आरक्षण आज दे दो और 2024 में चुनाव करा लो लेकिन तब नहीं माने. ये और आज हम फिर वही बात दोहरा रहे हैं.
ये भी पढ़िए- कमाई छिपाकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता पति मेंटेनेंस देना पड़ेगा, दिल्ली हाई कोर्ट का अहम आदेश
टुकड़े-टुकड़े गैंग की तरह काम कर रहे ये लोग- संजय
संजय सिंह ने कहा कि लेकिन आप टुकड़े-टुकड़े गैंग की तरह देश के राज्यों को तोड़ने की कार्रवाई जो आप कर रहे हैं, दक्षिण और उत्तर का झगड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, बंगाल की सीटें कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तमिलनाडु और ओड़िशा की सीटें कम कर रहे हैं. ये किससे पूछ कर रहे हैं और किस आधार पर कर रहे हैं. 2011 का सेंसेज कैसे माना जाएगा. 11 में तो जाती जनगणना शामिल है नहीं तो कैसे उस सेंसेज के आधार पर कर देंगे सीटों को बढ़ाने का काम.
ये भी पढ़िए- दिल्ली में यमुना के उफान से निपटने की तैयारी, राजधानी में बनेगी 4.72 किमी लंबी सुरक्षा दीवार
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























