आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने देश में बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर बीजेपी और केंद्र पर निशाना साधा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुसलमान चीनी ज्यादा खा रहे हैं इसलिए दाम बढ़ गए क्योंकि हर समस्या के पीछे पीएम मोदी और सीएम योगी को मुसलमान जिम्मेदार लगता है.

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AAP नेता संजय सिंह ने आगे सवाल किया, ''देश आपसे जानना चाहता है कि इथेनॉल की वजह से चीनी का दाम बढ़ा है कि मुसलमानों की वजह से चीनी का दाम बढ़ा है?''

चीनी के दाम बढ़ने पर केजरीवाल ने भी केंद्र को घेरा

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी 20 अगस्त को आरोप लगाते हुए कहा था कि गन्ने को इथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने के फैसले का असर अब चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने दावा किया कि पिछले 17 दिनों में चीनी की कीमत प्रति किलो 20 रुपए से अधिक बढ़ गई है. 

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अब विदेशों से चीनी आयात करने की जरूरत पड़ रही- केजरीवाल

केजरीवाल ने ये भी कहा कि सरकार ने गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने के लिए बढ़ाया और इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने की नीति अपनाई. उस समय सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया था कि इससे पेट्रोलियम आयात पर होने वाला खर्च कम होगा और देश की विदेशी मुद्रा की बचत होगी. दिल्ली के पूर्व सीएम का कहना है कि अब स्थिति ऐसी बन गई है कि चीनी की कमी को पूरा करने के लिए विदेशों से चीनी आयात करने की जरूरत पड़ रही है.

संजय सिंह ने संसद में गन्ना किसानों का उठाया था मसला

इससे पहले जुलाई महीने में संसद में आप नेता संजय सिंह ने गन्ना किसानों का मसला उठाया था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि गन्ना किसानों का सालों तक पेमेंट नहीं किया जाता है. किसानों का 1200 करोड़ रुपये बकाया है. ये कोई छोटी राशि नहीं है. किसान अपनी खेती के लिए कर्जा लेता है तो उसके ऊपर ब्याज लगना शुरू हो जाता है लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि जब चीनी मीलों पर किसानों का बकाया होता है तो उस पर उन्हें कोई ब्याजा नहीं मिलता है. 

उन्होंने आगे कहा था, ''यूपी के अंदर 20 से ज्यादा सहकारी-सरकारी चीनी मिलें बंद हो गई हैं. उनको खुलवाया जाए, किसानों के जीवन को सुरक्षित किया जाए, उनकी फसल को सुरक्षित किया जाए. जो देवरिया में बैतालपुर चीनी मिल के लिए संघर्ष चल रहा है, वो चीनी मिल भी शुरू किया जाए. साथ ही ब्याज समेत गन्ना किसानों का भुगतान कराया जाए.''

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