Wrestlers Candle March: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहलावनों का प्रदर्शन लगातार जारी है. विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों से समर्थन मिल रहा है. इंसाफ की मांग कर रहे पहलवान और उनके समर्थक जंतर-मंतर पर लगातार धरना-प्रदर्शन तो कर ही रहे हैं साथ ही समय-समय पर विभिन्न प्रकार से भी अपना विरोध जाहिर कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं. इससे पहले जहां पहलवानों ने कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर तक पैदल मार्च किया था, तो वहीं अब आज वे इंडिया गेट से कैंडल मार्च निकालकर सरकार से न्याय की गुहार लगाएंगे.
इस आंदोलन के साथ किसान आंदोलन जैसा बर्ताव किया जा रहा- योगेंद्र यादवजंतर मंतर पर चल रहे पहलवानों के धरने में स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने भी पहुंच कर पहलावनों की मांग का समर्थन किया और कहा कि इस आंदोलन के साथ भी किसान आंदोलन की तरह ही बर्ताव किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह किसी जाति का संघर्ष नहीं है. यह सिर्फ महिला का भी संघर्ष नहीं है, यह धर्म और अधर्म की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि यदि कोई सच्चे धर्म का कुरुक्षेत्र है तो वो ये है, जहां सच्ची लड़ाई लड़ी जा रही है. एक तरफ सत्ता, पैसा, झूठ और गुंडागर्दी है तो दूसरी तरफ सच, संकल्प, धर्म और तपस्या की लड़ाई है.
28 मई को नए संसद भवन पर होगी महापंचायत वहीं रविवार को महम 24 के चबूतरे पर सर्वखाप की पंचायत हुई जिसमें पहलावनों के समर्थन में कई फैसले लिए गए. पंचायत की अध्यक्षता चौधरी मेहर सिंह नंबरदार ने की. पंचायत में उत्तर भारत की सभी खाप पंचायतें, किसान संगठन एवं सामाजिक संगठन मौजूद रहे. पंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुए जिसमें 23 मई को कैंडल मार्च में पहुंचने और 28 मई को नई संसद में महिलाओं एवं युवाओं की महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया. पंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी खाप पंचायतें एवं किसान संगठन इन खिलाड़ियों के साथ हैं जो भी फ़ैसला ये खिलाड़ी लेंगे हम उनके साथ हैं.
पहलावनों ने किया खाप पंचायत के फैसले का स्वागतप्रदर्शनकारी पहलवानों में से साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादयान ने महापंचायत ने भाग लिया जबकि बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट जंतर मंतर पर धरना स्थल पर ही रहे. महापंचायत में लिए गए फैसलों पर जब बजरंग पूनिया से पूछा गया कि क्या वह महापंचायत के फैसले से संतुष्ट हैं तो उन्होंने कहा कि हम महापंचायत के फैसलों का स्वागत करते हैं. महिलाओं के साथ पुरुष समर्थक भी जाएंगे या नहीं इसका फैसला बाद में किया जाएगा.
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