समरीन नाम की पाकिस्तानी महिला अपने आंसुओं पर काबू नहीं कर पाईं. उन्होंने कहा कि मुझे वापस किया जा रहा है. मेरी क्या गलती है, मैंने क्या किया है? मुझे किस बात की सजा दी जा रही है, मुझे बस इतना जवाब जानना है. करता कोई है और भरता कोई है. वो फूट-फूटकर रोने लगीं.

मैं सितंबर में आई थी- समरीन

न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने अपने पति की तरफ इशारा करते हुए कहा, "मैं सितंबर में आई थी. यहां आकर अक्टूबर में मैंने इनसे शादी की थी." लॉन्ग टर्म वीजा के सवाल पर उन्होंने कहा, "वो मैंने जमा करवा रखी थी, पेंडिंग पड़ी थी. अभी इन्होंने दिया नहीं है. इतने महीने हो गए. हमने सारे रूल्स फॉलो किए हैं. फिर हमें किस बात की सजा दी जा रही है."

12 अक्टूबर को शादी हुई थी

दिल्ली पुलिस के स्पेशल ब्रांच के पाकिस्तान नेशनल्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस पहुंचीं समरीन ने आगे कहा, "वो कह रहे हैं कि ऊपर से ऑर्डर है. आज बोल दिया कि चले जाओ. 12 अक्टूबर को शादी की है. जिनका (लॉन्ग टर्म वीजा) नहीं है, उनका क्या कसूर है? मैं वीजा लेकर आई थी. हमारा डेढ़ महीने का वीजा था."

'इतनी मुश्किलों से वीजा लेकर आए थे'

अपने आंसुओं को रोकते हुए उन्होंने ये भी कहा, "वीजा इतनी मुश्किलों से लेकर आए थे. सात महीनों में तो हमारी वीजा आई थी. हमें वीजा मिलने भी बहुत मुश्किल है. बताएं हमारा क्या कसूर है इसमें?"

पहलगाम हमले को लेकर क्या कहा?

पहलगाम हमले पर उन्होंने कहा, "इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है. ये बहुत गलत हुआ है, जिसने किया है उसको सजा दो. पब्लिक का क्या कसूर है?"   

अटारी से पाकिस्तान लौट रहे लोग

बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़कर जाने का निर्देश दिया था. अटारी-वाघा सीमा चौकी के रास्ते पाकिस्तानी नागरिक भारत से वापस अपने मुल्क जा रहे हैं.