नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद एक और दर्दनाक हादसे ने शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सेक्टर-57 में 28 वर्षीय टेस्टिंग इंजीनियर आर्यन की कथित तौर पर करंट लगने के बाद खुले नाले में गिरकर मौत हो गई.

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इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आर्यन बारिश के पानी से बचते हुए नाले के किनारे चलता दिखाई देता है. अगले ही पल वह अचानक नाले में गिर जाता है. यह दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया है.

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करंट लगने की आशंका, बिजली के खंभे पर उठे सवाल

प्रशासनिक अधिकारियों का शुरुआती दावा है कि आर्यन को पहले करंट लगा और उसी के बाद वह नाले में गिर गया. जिस जगह हादसा हुआ, वहीं एक जर्जर लोहे का बिजली का खंभा मौजूद है. आशंका जताई जा रही है कि इसी खंभे में करंट उतरने से आर्यन इसकी चपेट में आ गया. हालांकि मौत की असली वजह का पता जांच और तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगा. घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.

नोएडा अथॉरिटी के दावों की खुली पोल

इस हादसे ने नोएडा अथॉरिटी की तैयारियों और दावों पर भी सवालिया निशान लगा दिया है. अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कार्यभार संभालने के बाद शहर के खुले नालों और गड्ढों को ढकने के निर्देश दिए थे. लेकिन युवराज मेहता की मौत के बाद भी सेक्टर-57 का यह नाला खुला रहा. अब आर्यन की मौत के बाद अथॉरिटी हरकत में आई है और आसपास के खुले नालों पर स्लैब लगाने का काम तेज कर दिया गया है.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, जांच जारी

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी आर्यन नोएडा के सेक्टर-22 में अपनी मां के साथ रहता था. उसके पिता का करीब पांच वर्ष पहले निधन हो चुका था और परिवार की पूरी जिम्मेदारी आर्यन के कंधों पर थी. वह सेक्टर-57 स्थित एक निजी कंपनी में टेस्टिंग इंजीनियर के रूप में कार्यरत था. हादसे के बाद परिजन उनका शव लेकर पैतृक गांव फर्रुखाबाद रवाना हो गए हैं.

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