नीतीश कटारा हत्याकांड: दिल्ली HC ने सरकार से मांगा जवाब, दोषी की फर्लों याचिका पर नोटिस जारी
Nitish Katara Hatyakand: नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी विकास यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर तीन हफ्ते के फर्लो की मांग की. इस याचिका पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा.

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड के मामले में दोषी विकास यादव द्वारा दाखिल फर्लो याचिका पर नीतीश कटारा के परिवार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है. जस्टिस रवींदर दूजे ने कटारा की मां नीलम कटारा, भाई अजय कटारा, तिहाड़ जेल के डीजी और दिल्ली सरकार के होम सचिव को अपने जवाब दाखिल करने को कहा. दिल्ली हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी. कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है.
दोषी ने याचिका में क्या मांग की?
दिल्ली हाई कोर्ट में विकास यादव की याचिका में कहा गया है कि उन्होंने 25 साल की फिक्स लाइफ सजा में से 23 साल जेल में काट लिए हैं और अब उन्हें तीन हफ्ते के फर्लो पर जाने की अनुमति दी जाए. जेल प्रशासन ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए वार्षिक रिपोर्ट और परिवार की सहमति के बिना फर्लो नहीं दिया जा सकता.
इस बीच परिवार ने भी सुरक्षा की वजह से उनकी रिहाई का विरोध किया. विकास यादव ने अपनी याचिका में यह भी बताया कि उन्हें अपनी मां के इलाज और शादी के लिए सुप्रीम कोर्ट से चार महीने से अधिक का अंतरिम जमानत मिला था. इस दौरान उन्होंने किसी तरह का गुनाह या दुरुपयोग नहीं किया. उन्होंने कहा कि अगर अन्य गंभीर अपराधों के दोषियों को फर्लो पर छोड़ा जा सकता है तो उन्हें भी यह अवसर मिलना चाहिए.
कब हुई थी नीतीश कटारा की हत्या?
नीतीश कटारा 25 साल के बिजनेस एक्जीक्यूटिव को 2002 में विकास यादव और विशाल यादव, जो कि नेता डीपी यादव के रिश्तेदार हैं. उन्होंने उनकी प्रेम संबंध की वजह से भारती यादव के साथ संबंध के चलते अगवा करके मारा था.
यह मामला ऑनर किलिंग माना गया, क्योंकि यह जाति और परिवार के सम्मान के मुद्दे पर किया गया था. नीतीश का जला हुआ शव गाजियाबाद के पास मिला था. लंबे मुकदमों और अपील के बाद विकास और विशाल यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.
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