स्वतंत्र भारद्वाज vs निशु आजाद में फंसी दिल्ली पुलिस! पहले दर्ज की थी गलत FIR?
Nishu Azad vs Swatantra Bhardwaj मामले में दिल्ली पुलिस बुरी तरह फंसती नजर आ रही है. इस मामले में FIR दर्ज हो चुकी है लेकिन अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कड़े से हमला करने का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में दिल्ली पुलिस फंसती नजर आ रही है. कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका, सौरव दास यह मांग कर रहे हैं कि इस मामले में नई एफआईआर दर्ज की जाए. इस मामले में पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज के ही दावे के मुताबिक उसमें गंभीर धाराएं नहीं हैं.
अब सवाल है कि दिल्ली पुलिस फंस कहां रही है? एबीपी न्यूज़ के वरिष्ठ संवददाता मनोज वर्मा के अनुसार इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है. एफआईआर में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संजय कुमार को गंभीर चोट नहीं लगी थी. हालांकि, पुलिस चार्जशीट में नई धाराएं जोड़ सकती है, लेकिन ऐसी स्थिति में उसे यह भी स्पष्ट करना होगा कि एफआईआर दर्ज करते समय संबंधित धाराएं क्यों नहीं जोड़ी गई थीं. पुलिस चार्जशीट में ये जरूर बता सकती है कि हमने जो जांच की है उसमें जो तथ्य सामने आए उसमें धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.
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वर्मा के मुताबिक अब ये देखना होगा कि पुलिस आगे क्या रास्ता अख्तियार करेगी. अगर अब पुलिस नई एफआईआर दर्ज करेगी तो यह भी पुलिस के लिए चुनौती होगी यानी कि पहले की एफआईआर गलत साबित हो जाएगी.
सौरव दास ने पूरे मामले पर क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, जंतर-मंतर पर जब हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था तो यहां पर हिंसा हुई. ये अपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से भी हिंसा करती आ रही है. ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है. दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें. क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए. आज हम इसलिए आए हैं क्योंकि तब से लेकर अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. पहले दिन से हम लोग सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे.






















