Saksham Yatra 2026: दिल्ली में जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत हुई है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज रविवार यानी 5 अप्रैल को “सक्षम यात्रा 2026” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने इस मौके पर जमीनी स्तर के विचारों एवं नवाचार को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सक्षम यात्रा 2026 को हरी झंडी दिखाई. दिल्ली को केंद्र में रखकर यह पहल स्थानीय विचारों को आगे बढ़ने, सहयोग प्राप्त करने और वास्तविक प्रभाव पैदा करने का मंच प्रदान करेगी." उन्होंने यह भी कहा, "इस तरह की पहल नवाचार और उसके क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करती हैं और समुदाय आधारित समाधान को आगे बढ़ाने में सहायक होती हैं."
क्या है सक्षम यात्रा 2026?
“सक्षम यात्रा 2026” एक 9 दिन की यात्रा है, जो 4 अप्रैल से शुरू हुई है. यह यात्रा दिल्ली से निकालकर उत्तरी भारत के कई शहरों से होकर गुजरेगी. इसका मकसद उभरते हुए उद्यमियों की पहचान करना, उनसे जुड़ना और उन्हें सहयोग देना है. अक्सर देखा जाता है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम बड़े शहरों तक ही सीमित रह जाती है.
छोटे शहरों के टैलेंट को मिलेगा मौका
देश के छोटे शहरों और समुदायों में, अनगिनत इनोवेटर चुपचाप ऐसे आइडिया पर काम कर रहे हैं जो असल दुनिया की समस्याओं को हल कर सकते हैं. लेकिन, इनमें से कई लोगों के पास मेंटरशिप, नेटवर्क और ऐसे प्लेटफॉर्म तक पहुंच नहीं होती, जो उनके आइडिया को आगे बढ़ाने में मदद कर सकें. यह यात्रा ऐसे ही लोगों तक पहुंचने की कोशिश है, ताकि उन्हें सही दिशा और मदद मिल सके.
कई शहरों से होकर गुजरेगी यात्रा
सक्षम यात्रा अयोध्या, लखनऊ, मथुरा, आगरा और जयपुर जैसे शहरों से गुज़रते हुए 12 अप्रैल को नई दिल्ली में समाप्त होगी. इस यात्रा के दौरान, टीम का मकसद उन युवा संस्थापकों और इनोवेटर्स से बातचीत करना है, जो असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान तैयार कर रहे हैं.
कई तरह के मेल-जोल, कम्युनिटी से जुड़ने और स्थानीय इनोवेटर्स से बातचीत के जरिए, आयोजकों का मकसद अच्छे आइडिया की पहचान करना और उन उद्यमियों को बढ़ावा देना है जो अभी अपने सफर के शुरुआती दौर में हैं. इस पहल की अगुवाई अजय गुप्ता कर रहे हैं, जो एक उद्यमी और शिक्षाविद हैं और कई शिक्षा से जुड़े कामों और सामाजिक पहलों से जुड़े हुए हैं.
उनका कहना है कि इस यात्रा का मकसद ऐसे लोगों को सामने लाना है, जो चुपचाप बड़े बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं. यह पहल दिल्ली में नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर बदलाव की नई कहानी लिखी जा सकती है.
